देश की खबरें | इसरो ने ‘स्पेडेक्स’ मिशन के तहत उपग्रहों के ऐतिहासिक ‘डॉकिंग’ परीक्षण का वीडियो जारी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इसरो ने शुक्रवार को अपने ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ (स्पेडेक्स) के तहत उपग्रहों की सफल ‘डॉकिंग’ का एक वीडियो जारी किया।

बेंगलुरु, 17 जनवरी इसरो ने शुक्रवार को अपने ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ (स्पेडेक्स) के तहत उपग्रहों की सफल ‘डॉकिंग’ का एक वीडियो जारी किया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भविष्य में भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बृहस्पतिवार को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ (स्पेडेक्स) के तहत उपग्रहों की ऐतिहासिक ‘डॉकिंग’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। अंतरिक्ष एजेंसी ने यह घोषणा भी की थी कि ‘डॉकिंग’ के बाद एक ही वस्तु के रूप में दो उपग्रहों पर नियंत्रण स्थापित करने की प्रक्रिया भी सफल रही।

‘चेजर’ और ‘टारगेट’ नामक उपग्रहों की सफल ‘डॉकिंग’ के साथ ही भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं।

इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने भी मिशन को सफल बनाने वाली टीम को बधाई दी थी।

अंतरिक्ष एजेंसी ने ‘एक्स’ पर जारी वीडियो के शीर्षक में कहा, ‘‘इसरो ने 16 जनवरी, 2025 की सुबह दो स्पेडेक्स उपग्रहों (एसडीएक्स-01 और एसडीएक्स-02) की डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली।’’

अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ प्रौद्योगिकी तब आवश्यक होती है जब सामान्य मिशन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कई रॉकेट प्रक्षेपणों की आवश्यकता होती है।

‘डॉकिंग’ प्रयोग चंद्रयान-4, गगनयान, अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री उतारने सहित भविष्य में देश के महत्वाकांक्षी अभियानों के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।

गत अक्टूबर में, सरकार ने घोषणा की थी कि 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा, जिसे ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ के नाम से जाना जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\