वहीं, गाजा में फलस्तीनियों ने गुब्बारे छोड़ कर इसका जवाब दिया। उनकी इस गतिविधि से दक्षिणी इजराइल में कम से कम 10 स्थानों पर आग लग गई।
मार्च इजराइल की नयी सरकार के लिए तथा इजराइल और हमास के बीच 11 दिनों के युद्ध को खत्म करने वाली पिछले महीने की संधि के लिए एक परीक्षा साबित होगी।
फलस्तीनी इस मार्च को उकसावे वाली हरकत मान रहे हैं। हमास ने फलस्तीनियों से इस मार्च का प्रतिरोध करने की अपील की है।
संगीत की धुन के साथ सैकड़ों की संख्या में यहूदी राष्ट्रवादी दमिश्क गेट के सामने बढ़ने से पहले सैकड़ों मीटर तक एकत्र हुए। उनमे से कई के हाथों में इजराइली झंडे थे और वे नाच रहे थे तथा धार्मिक गीत गा रहे थे। हालांकि, इस बार की भीड़ पिछले महीने की परेड की तुलना में काफी कम नजर आई।
मार्च से पहले इजराइली पुलिस ने दमिश्क गेट के सामने के इलाके को खाली कराया, यातायात बंद कर दिया, दुकानों को बंद करने का आदेश दिया और युवा फलस्तीनी प्रदर्शनकारियों को वहां से भगा दिया। वहीं, फलस्तीनियों ने कहा कि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस के साथ झड़पों में पांच लोग घायल हो गये।
इस परेड ने इजराइल के नये प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के लिए एक शुरूआती चुनौती पेश कर दी है। बेनेट एक कट्टरपंथी इजराइली राष्ट्रवादी हैं।
इजराइली गठबंधन में शामिल होने वाले अरब गुट के पहले राजनीतिक दल राम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने कहा कि मार्च राजनीतिक लक्ष्यों के लिए क्षेत्र में आग लगाने की कोशिश है।
फलस्तीनी प्राधिकार के प्रधानमंत्री मोहम्मद शतायेह ने मार्च को फलस्तीन के लोगों के खिलाफ आक्रमण करार दिया है।
इजराइली मीडिया की खबरों के मुताबिक, सेना को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर और गाजा सीमांत में अलर्ट पर रखा गया है।
एपी
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