देश की खबरें | इफ्फी के समापन के दौरान इजराइली फिल्मकार के बयान से विवाद उठा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा में 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव (इफ्फी) के आखिरी चरण में तब विवाद उत्पन्न हो गया जब अंतरराष्ट्रीय जूरी के प्रमुख और इजराइली फिल्मकार नदव लापिद ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को ‘भद्दी’ और ‘दुष्प्रचार वाली’ बताया। इसके अलावा महोत्सव पूरी भव्यता के साथ शांति से संपन्न हुआ।

पणजी, 29 नवंबर गोवा में 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव (इफ्फी) के आखिरी चरण में तब विवाद उत्पन्न हो गया जब अंतरराष्ट्रीय जूरी के प्रमुख और इजराइली फिल्मकार नदव लापिद ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को ‘भद्दी’ और ‘दुष्प्रचार वाली’ बताया। इसके अलावा महोत्सव पूरी भव्यता के साथ शांति से संपन्न हुआ।

गोवा में 20 नवंबर को शुरू हुए इफ्फी का सोमवार को रंगारंग समापन हुआ लेकिन इसमें लापिद के बयान ने आशा पारेख, चिरंजीवी, अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना और राणा दग्गूबती जैसे अदाकारों की मौजूदगी को फीका कर दिया।

समारोह में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ एल मुरुगन और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी शामिल हुए।

लापिद ने सोमवार रात को ‘ द कश्मीर फाइल्स’ को ‘दुष्प्रचार करने वाली‘ और ‘भद्दी’ फिल्म बताया।

इस महोत्सव की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए प्रतिष्ठित गोल्डन पीकॉक पुरस्कार स्पेनिश फिल्म ‘आई हैव इलेक्ट्रिक ड्रीम्स’ ने जीता है। कोस्टा रिका के फिल्म निर्माता वेलेंटीना मौरेल द्वारा निर्देशित इस फिल्म में 16 वर्षीया लड़की ईवा के वयस्क होने का अद्भुत चित्रण किया गया है।

इस फिल्म में जीवन की जटिलता के ईमानदार चित्रण की चर्चा करते हुए जूरी ने टिप्पणी की, ‘‘यह चित्रण इतना अद्भुत एवं जीवंत था कि इस फिल्म को देखते समय हमें लगा जैसे कि हम स्‍वयं कांप रहे हैं।’’

'आई हैव इलेक्ट्रिक ड्रीम्स' में 16 वर्षीय लड़की ईवा की भूमिका निभाने वाली 19 वर्षीय पहली अभिनेत्री डेनिएला मार्न नवारो को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया है।

ईरानी लेखक और निर्देशक नादेर सैइवर को “नो एंड” के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के सिल्वर पीकॉक से सम्मानित किया गया है। फिल्म ईरान की पीछे की ओर ले जाने वाली सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था का एक जादुई और सूक्ष्म चित्रण है।

मशहूर अभिनेता और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित कोनिदेला शिव शंकर वरा प्रसाद, जिन्हें चिरंजीवी के नाम से जाना जाता है, उन्हें इफ्फी के 53वें संस्करण के समापन समारोह में '2022 का इंडियन फिल्म पर्सनैलिटी पुरस्कार' प्रदान किया गया।

इस सम्मान के लिए इफ्फी, भारत सरकार और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के साथ चिरंजीवी ने अपने माता-पिता और तेलुगु फिल्म उद्योग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “मैं हमेशा अपने माता-पिता का आभारी रहूंगा जिन्होंने मुझे कोनिदेला शिव शंकर वरा प्रसाद के रूप में जन्म दिया और तेलुगु फिल्म उद्योग का भी, जिसने मुझे चिरंजीवी के रूप में पुनर्जन्म दिया। मैं इस उद्योग के प्रति आजीवन ऋणी हूं।’’

पिछले नौ दिन में इफ्फी में कुल मिलाकर 35,000 मिनट समय की 282 फिल्में दिखाई गईं। इस महोत्सव में दुनिया भर के 78 देशों की 183 अंतरराष्ट्रीय फिल्में और 97 भारतीय फिल्में दिखाई गईं। ये फिल्‍में 65 अंतरराष्ट्रीय ओं और 15 भारतीय ओं में दिखाई गईं।

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