इजराइल कैट्ज की टिप्पणी से ऐसा प्रतीत होता है कि पहली बार इजराइल ने इस्माइल हनियेह की हत्या की बात स्वीकार की है जो जुलाई में ईरान में एक धमाके में मारा गया था।
इस धमाके के पीछे इजराइल का हाथ माना जा रहा था और नेताओं ने पहले भी इसके शामिल होने के संकेत दिए थे।
सोमवार को एक भाषण में कैट्ज ने कहा कि हूती विद्रोहियों का वही हश्र होगा जो हनियेह समेत क्षेत्र में ईरान समर्थित चरमपंथी समूहों के अन्य सदस्यों का हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल ने हमास और हिजबुल्ला के अन्य नेताओं को मारा, सीरिया में बशर असद की सरकार गिराने में मदद की और ईरान की विमान-रोधी प्रणालियों को नष्ट किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम (हूती विद्रोहियों के) रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हमला करेंगे और चरमपंथी समूह के नेताओं का सिर कलम कर देंगे।’’
कैट्ज ने इजराइली हमलों में मारे गए हमास और हिजबुल्ला के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जैसा कि हमने तेहरान, गाजा और लेबनान में हनीया, सिनवार और नसरल्लाह के साथ किया। हम हुदेदा और सना में भी वैसा ही करेंगे।’’
हमास के खिलाफ इजराइल के संघर्ष के दौरान ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे। शनिवार को भी तेल अवीव में मिसाइल दागी गई थी जिसमें कम से कम 16 लोग घायल हो गए थे।
इजराइल ने युद्ध के दौरान यमन में तीन हवाई हमले किए तथा मिसाइल हमले बंद होने तक विद्रोही समूह पर दबाव कायम रखने का संकल्प लिया।
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