जरुरी जानकारी | इरडा ने मिचौंग पीड़ितों के लिए दावा निपटान मानकों को सरल बनाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बीमा नियामक इरडा ने चक्रवाती तूफान मिचौंग की चपेट में आए बीमाधारकों के लिए दावा निपटान मानदंडों को सोमवार को आसान बनाते हुए सर्वेक्षकों की नियुक्ति के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ा दी।
नयी दिल्ली, 18 दिसंबर बीमा नियामक इरडा ने चक्रवाती तूफान मिचौंग की चपेट में आए बीमाधारकों के लिए दावा निपटान मानदंडों को सोमवार को आसान बनाते हुए सर्वेक्षकों की नियुक्ति के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ा दी।
हाल ही में आए इस चक्रवाती तूफान से तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सहित दक्षिणी भारत के तटीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
चक्रवात और उसके बाद भारी बारिश और बाढ़ आने से विभिन्न राज्यों में जानमाल और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हुआ था।
इस आपदा के शिकार लोगों की तरफ से किए जाने वाले दावों के निपटान में तेजी लाने के लिए भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने सर्वेक्षकों और हानि मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति के लिए नुकसान की सीमा बढ़ा दी है।
इरडा ने एक परिपत्र में कहा कि वाहन बीमा की सीमा मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। सामान्य बीमा के अन्य दावों के मामले में इस सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है।
इससे पहले नियामक ने सभी बीमा कंपनियों से सर्वेक्षकों, हानि समायोजकों और जांचकर्ताओं जैसे आउटसोर्स किए गए कार्यों सहित तत्काल सेवा देने के लिए संसाधन लगाने को कहा था।
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