विदेश की खबरें | ईरान-अमेरिका वार्ता पर अभी फैसला नहीं हुआ, लेकिन मिले अच्छे संकेत : आईएईए प्रमुख
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक ग्रॉसी ने वियना में एजेंसी की एक सप्ताह तक चलने वाली संगोष्ठी में हिस्स लेने वाले संवाददाताओं के समक्ष यह टिप्पणी की।

ग्रॉसी ने स्वीकार किया कि बुधवार को उनका एक प्रतिनिधि ईरान की राजधानी तेहरान में था। ईरानी अधिकारियों ने उस अधिकारी की पहचान आईएईए की सुरक्षा शाखा के प्रमुख मास्सिमो अपारो के रूप में की है।

ग्रॉसी ने कहा, ‘‘फिलहाल, अब भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। तथ्य यह है कि वे लगातार मिल रहे हैं... यह एक समझौते पर पहुंचने की इच्छा का संकेत है।’’

इस वार्ता का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है, जिसके बदले में अमेरिका द्वारा इस्लामी गणराज्य पर लगाए गए कुछ कठोर आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच आधी सदी से चली आ रही दुश्मनी समाप्त होने की उम्मीद है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार धमकी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान के कार्यक्रम को निशाना बनाकर हवाई हमले करेंगे। ईरानी अधिकारी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपने यूरेनियम भंडार को हथियार के स्तर तक संवर्धित करके परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

ग्रॉसी द्वारा वियना में दिये गए बयान से पहले, ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख ने वार्ता जारी रहने के दौरान अमेरिका को एक नई चेतावनी जारी की।

जनरल हुसैन सलामी ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं, हम घात लगाए बैठे हैं और इंतजार कर रहे हैं। अगर वे कोई गलती करते हैं, तो उन्हें तुरंत जवाब मिलेगा जिससे वे अपना अतीत पूरी तरह भूल जाएंगे।’’

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