विदेश की खबरें | ईरान ने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक उपग्रह भेजने का दावा किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ईरान ने इस प्रक्षेपण को सफल बताया जो उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने वाला दूसरा प्रक्षेपण होगा। हालांकि प्रक्षेपण के सफल होने के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरान के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई फुटेज या अन्य विवरण उपलब्ध कराया है।
ईरान ने इस प्रक्षेपण को सफल बताया जो उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने वाला दूसरा प्रक्षेपण होगा। हालांकि प्रक्षेपण के सफल होने के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरान के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई फुटेज या अन्य विवरण उपलब्ध कराया है।
पश्चिमी देशों को आशंका है कि इससे ईरान को अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
गाजा में इजराइल-हमास युद्ध को लेकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने यह प्रक्षेपण किया है। युद्ध के दौरान ईरान ने इजराइल पर अभूतपूर्व तरीके से सीधे तौर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इस बीच, ईरान का यूरेनियम संवर्धन हथियार बनाने के लिए जरूरी संवर्धन स्तर के करीब पहुंचने को है। तेहरान के इस कार्यक्रम को लेकर निरस्त्रीकरण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है।
ईरान ने कहा है कि उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए ‘कायम-100’ रॉकेट का इस्तेमाल किया गया और रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने जनवरी में एक अन्य सफल प्रक्षेपण के दौरान इसका इस्तेमाल किया था।
सरकारी मीडिया ने खबर दी कि चमरान-1 नामक इस उपग्रह का वजन 60 किलोग्राम है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अमेरिका की सेना से ईरान के प्रक्षेपण के बारे में प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि ईरान का उपग्रह प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन है। अमेरिका ने ईरान से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़ी कोई गतिविधि न करने का आह्वान किया गया था। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियां पिछले साल अक्टूबर में खत्म हो गई थीं।
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