एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | आईओए का फैसला न्याय के लिए हमारी लड़ाई में पहला कदम: प्रदर्शनकारी पहलवान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी.  विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने रविवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की सभी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेने के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के फैसले को डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ अपनी लड़ाई का पहला कदम करार दिया।

देश की खबरें | आईओए का फैसला न्याय के लिए हमारी लड़ाई में पहला कदम: प्रदर्शनकारी पहलवान

नयी दिल्ली, 14 मई  विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने रविवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की सभी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेने के भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के फैसले को डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ अपनी लड़ाई का पहला कदम करार दिया।

 बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट सहित देश के शीर्ष पहलवान पिछले 22 दिनों से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये पहलवान महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

आईओए ने 12 मई को डब्ल्यूएफआई के महासचिव से सभी आधिकारिक दस्तावेज उसकी तदर्थ समिति को सौंपने के लिए कहा है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि महासंघ के संचालन में निवर्तमान पदाधिकारियों की कोई भूमिका नहीं रहे।

डब्ल्यूएफआई ने कहा कि उसे आईओए के आदेशों का पालन करने में कोई समस्या नहीं है क्योंकि वह पहले ही अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

तोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग ने कहा, ‘‘ यह (मौजूदा डब्ल्यूएफआई को भंग करना) न्याय के लिए हमारी लड़ाई का पहला कदम है। हमारी लड़ाई सही दिशा में शुरू हुई है, यह हमारी जीत है। हम यह तब तक जारी रखेंगे, तब तक लड़ेंगे जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता।’’

एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश ने अफसोस जताया कि सत्तारूढ़ दल के एक भी सांसद ने ‘महिलाओं के सम्मान की हमारी इस लड़ाई में समर्थन देने के लिए‘ पहलवानों से मुलाकात नहीं की।

उन्होंने कहा कि सोमवार से प्रदर्शन कर रहे पहलवान सत्ता पक्ष की सभी महिला सांसदों को हाथ से या ई-मेल के जरिए पत्र देकर इस लड़ाई में समर्थन मांगेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘जब वे देश में महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं तो हम भी उनकी बेटियां हैं और उन्हें सामने आकर हमारा समर्थन करना चाहिए।’’

आईओए की तीन सदस्यीय तदर्थ समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि डब्ल्यूएफआई के नये पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया 45 दिन की समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएगी और निर्वाचित निकाय को प्रभार वापस सौंप दिया जाएगा।

एक अधिकारी ने पीटीआई- से कहा, ‘‘चुनाव होने के बाद प्रशासनिक शक्तियां डब्ल्यूएफआई के पास चली जाएंगी। नवनिर्वाचित अधिकारी इस महासंघ का संचालन करेंगे।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2023 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).