अवैध परिवहन रोकने के लिए मप्र में अंतराज्यीय वाहनों की जांच की जायेगी
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भोपाल, छह मई वाहन मालिकों द्वारा प्रवासी मजदूरों से घर पहुंचाने के लिए जरुरत से ज्यादा किराया वसूले जाने की खबरों के बाद मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने बुधवार को अधिकारियों को अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रत्येक अंतराज्यीय बस या माल वाहक वाहन की जांच करने के निर्देश दिये हैं।

बुधवार को जारी आदेश में विभाग ने यह भी कहा है कि प्रवासियों के अवैध परिवहन से कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार भी हो सकता है।

कोविड-19 के देशव्यापी लॉकडाउन के बीच अपने गृह नगर जाने के लिए बेताब प्रवासी मजदूर भीड़ भरी बसों और ट्रकों में यात्रा कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें 3,000 रुपये तक किराया देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ताजा आदेश में मध्यप्रदेश के परिवहन आयुक्त वी. मधुकुमार ने सभी परिवहन अधिकारियों को यात्री वाहन और मालयानों की जांच करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रवासी मजदूरों के अवैध परिवहन एवं मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर अंकुश लग सकेगा।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध ढुलाई के लिये प्रदेश में किसी भी मालयान को रोकना निषिद्ध था, परंतु कुछ मालयान चालक/मालिक इस आदेश का दुरूपयोग कर प्रवासी मजदूरों को अवैध तरीके से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जा रहे हैं, और इसके लिए उनसे भारी किराया वसूला जा रहा है।

गौरतलब है कि इस संबंध सतना और ग्वालियर पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर वाहन चालकों को गिरफ्तार भी किया गया है।

मधुकुमार ने कहा है कि सभी कर्मचारी-अधिकारी मास्क लगाकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी वाहनों के दस्तावेजों की वैधता संबंधी परामर्श का भी पालन सुनिश्चित करें।

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