विदेश की खबरें | अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इजराइल को रफह में सैन्य अभियान रोकने का आदेश दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइल का कहना है कि उसे हमास के आतंकवादियों से खुद की रक्षा करने का अधिकार है और उसके द्वारा इस फैसले का पालन करने की संभावना नहीं है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इजराइल का कहना है कि उसे हमास के आतंकवादियों से खुद की रक्षा करने का अधिकार है और उसके द्वारा इस फैसले का पालन करने की संभावना नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के इस आदेश से गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध को रोकने के लिए इजराइल पर वैश्विक दबाव और बढ़ गया है। गाजा में अपने सैन्य अभियान को लेकर इजराइल पहले ही अलग-थलग पड़ते जा रहा है। इजराइल के करीबी सहयोगी अमेरिका ने भी रफह में सैन्य अभियान के खिलाफ आगाह किया है जहां युद्ध शुरू होने के बाद से हजारों फलस्तीनी पनाह लिए हुए हैं।

इस सप्ताह, यूरोप के तीन देशों ने घोषणा की कि वे फलस्तीन को राष्ट्र के रूप में मान्यता देंगे। वहीं, संयुक्त राष्ट्र न्यायालय के मुख्य अभियोजक ने हमास अधिकारियों के साथ-साथ इजराइली नेताओं के लिए गिरफ्तारी वारंट का अनुरोध किया है।

आईसीजे के शुक्रवार के फैसले के साथ इस साल 15 न्यायाधीशों की पीठ ने तीसरी बार गाजा में हताहतों की संख्या घटाने और मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए प्रारंभिक आदेश जारी किए हैं। आदेश कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए अदालत के पास कोई शक्ति नहीं है।

इजराइल ने संकेत दिया है कि वह अपने सैन्य अभियान रोकने के आईसीजे के आदेश को नजरअंदाज कर देगा। इजराइल सरकार के प्रवक्ता एवी हाइमन ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘दुनिया की कोई भी ताकत इजराइल को अपने नागरिकों की रक्षा करने और गाजा में हमास के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोक सकती।’’

आईसीजे के अध्यक्ष नवाफ सलाम जब आदेश पढ़ रहे थे उस वक्त फलस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों का एक छोटा समूह बाहर प्रदर्शन कर रहा था। फैसले में कहा गया कि ‘‘रफह में घटनाक्रम के संबंध में पहले व्यक्त की गई आशंकाएं सच हो गई हैं और मानवीय स्थिति अब विनाशकारी होने जा रही है।’’

न्यायालय ने गाजा में पूर्ण युद्धविराम का आह्वान नहीं किया, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका ने पिछले सप्ताह सुनवाई के दौरान अनुरोध किया था।

युद्धविराम का अनुरोध पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ्रीका द्वारा दायर किए गए मामले का हिस्सा है, जिसमें इजराइल पर गाजा में अपने अभियान के दौरान नरसंहार करने का आरोप लगाया गया है। इजराइल ने आरोपों का जोरदार खंडन किया है।

दक्षिण अफ्रीका कानूनी विवाद जारी रहने तक फलस्तीनियों की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश चाहता है। पिछले सप्ताह आईसीजे में सुनवाई के दौरान नीदरलैंड में दक्षिण अफ्रीका के राजदूत वुसिमुजी मदोन्सेला ने 15 न्यायाधीशों की पीठ से इजराइल को गाजा पट्टी से ‘‘पूरी तरह और बिना शर्त हटने’’ का आदेश देने का आग्रह किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\