जरुरी जानकारी | अदलात का बिनाबात वाणिज्यिक काल पर रोक के नियमन तोड़ने पर कार्रवाई का ट्राई को निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को अवांछित संचार (वाणिज्यिक काल आदि) से संबंधित नियमनों का पालन नहीं करने वालों लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। इससे अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) की समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
नयी दिल्ली, 14 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को अवांछित संचार (वाणिज्यिक काल आदि) से संबंधित नियमनों का पालन नहीं करने वालों लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। इससे अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) की समस्या पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने ट्राई से सवाल किया कि वह अभी तक किस बात का इंतजार कर रहा है और उसने अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
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पीठ ने कहा, ‘‘कम से कम पांच मामलों कार्रवाई शुरू करें। बहुत अधिक दोस्ताना नहीं दिखाएं। आप कानून का क्रियान्वयन करने को इच्छुक हैं, ऐसा दर्शाएं।’’
पीठ ने नियामक से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नियमनों के तहत अधिक पंजीकरण (हेडर्स, गैर पंजीकृत टेली मार्केटिंग कंपनियों और प्रमुख इकाइयों का) और यदि कोई इनका उल्लंघन कर रहा है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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पीठ ने ट्राई को हेडर्स, गैर-पंजीकृति टेलीमार्केटिंग कंपनियों और पेटीएम, स्विगी और एसबीआई जैसी प्रमुख इकाइयों के पंजीकरण में प्रगति के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने यह निर्देश ऑनलाइन भुगतान मंच पेटीएम का परिचालन करने वाली वन97 कम्युनिकेशंस लि. की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में आरोप लगाया था कि कि दूरसंचार ऑपरेटर विभिन्न मोबाइल नेटवर्क पर ‘फिशिंग’ गतिविधियों पर रोक नहीं लगा रहे हैं।
फिशिंग एक प्रकार का साइबर अपराध है जिसमें लोगों से ई-मेल, फोन कॉल और टेक्स्ट संदेशों के जरिये संपर्क किया जाता है। संपर्क करने वाला व्यक्ति खुद को किसी संगठन का प्रतिनिधि बताता है और उनसे संवेदशील सूचनाएं मसलन बैंक और क्रेडिट कार्ड का ब्योरा और पासवर्ड हासिल करने का प्रयास करता है।
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