देश की खबरें | सार्वजनिक शौचालयों के खराब रखरखाव से संबंधित याचिका पर अधिकारियों को कदम उठाने का निर्देश

नयी दिल्ली, 17 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने गंदगी और सार्वजनिक शौचालयों के खराब रखरखाव का मुद्दा उठाने वाले एक मामले में शुक्रवार को अधिकारियों से हरसंभव कदम उठाने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने केंद्र, दिल्ली नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली छावनी बोर्ड और डिस्कॉम को याचिका पर नोटिस जारी किये और उनसे स्थिति रिपोर्ट दर्ज करने को कहा।

पीठ ने कहा, “आप इन जगहों की साफ सफाई करायें और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें। अधिकारियों को अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया जाता है।”

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मई की तारीख मुकर्रर की।

जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी की एक याचिका पर सुनवाई कर रहे उच्च न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों के खराब रखरखाव के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

याचिका में कहा गया है कि अक्सर उचित स्वच्छता का अभाव होता है, जो अस्वच्छ वातावरण का कारण बनता है, जिसके परिणामस्वरूप संक्रामक रोग हो सकते हैं। याचिकाकर्ता ने यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी कि सार्वजनिक शौचालय साफ-सुथरे हों और वहां पानी और बिजली की उचित उपलब्धता हो।

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