देश की खबरें | शुआट्स के कुलपति आर बी लाल को गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश

प्रयागराज, नौ फरवरी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष फतेहपुर में धर्मांतरण के एक मामले में आरोपी सैम हिग्गिनबटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रिकल्चर, टेक्नोलाजी एंड साइंसेज (शुआट्स) के कुलपति प्रोफेसर आर बी लाल को 15 फरवरी तक गिरफ्तार नहीं करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में 35 लोगों को नामजद किया गया था।

न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने प्रोफेसर आर बी लाल द्वारा दायर अग्रिम याचिका की अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।

याचिकाकर्ता की दलील है कि उसे प्राथमिकी में नामजद नहीं किया गया था लेकिन दो गवाहों और इस मामले के जांच अधिकारी के बयान के आधार पर बाद में उनका नाम प्राथमिकी में जोड़कर उन्हें फंसाया गया।

राज्य सरकार के वकील ने सीधे सादे लोगों और दिव्यांग जनों का सामूहिक धर्मांतरण करने के लिए विदेशों से आए धन का उपयोग करने का आरोप सिद्ध करने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा।

इस पर अदालत ने कहा, “दोनों पक्षों के वकीलों के अनुरोध पर इस मामले की सुनवाई नए सिरे से 16 फरवरी, 2023 को की जाएगी।”

अदालत ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए कहा, “यदि आवेदक 13 और 15 फरवरी, 2023 को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होता है और 13 फरवरी को शपथ पत्र देता है कि यदि उसके पास कोई पासपोर्ट है तो वह उसे जमा करेगा तो जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि 15 फरवरी तक आवेदक को ना तो गिरफ्तार किया जाए और ना ही उसके खिलाफ कोई बल उपयोग किया जाए।”

उल्लेखनीय है कि 15 अप्रैल, 2022 को हिमांशु दीक्षित नाम के एक व्यक्ति द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें आरोप लगाया गया है कि फतेहपुर के हरिहरगंज में इवांजेलिकल चर्च ऑफ इंडिया में हिंदू धर्म के करीब 90 लोगों को अनुचित प्रभाव और लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के उद्देश्य से एकत्रित किया गया था।

इस सूचना पर सरकारी अधिकारी उस स्थान पर पहुंचे और पादरी विजय मसीह से पूछताछ की जिस पर मसीह ने खुलासा किया कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पिछले 34 दिनों से चल रही है।

इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने के अनुरोध वाली प्रोफेसर आर बी लाल की याचिका खारिज कर दी थी।

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