इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 जून देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी से मरीजों की मौत की आधिकारिक जानकारी देरी से साझा किये जाने को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच, ताजा मामले में स्वास्थ्य विभाग ने एक संक्रमित मरीज की मौत की जानकारी दो महीने के विलम्ब से दी है।
विभाग के एक आला अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कोविड-19 संक्रमित पाये गये 62 वर्षीय पुरुष को शहर के एक निजी अस्पताल में चार अप्रैल को भर्ती कराया गया था। उसने 10 अप्रैल को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
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हालांकि, इस मरीज की मौत की आधिकारिक जानकारी इसके दो महीने बाद स्वास्थ्य विभाग के मंगलवार रात जारी बुलेटिन के साथ दी गयी है। इस देरी के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि विभाग गुजरे दिनों में स्थानीय अस्पतालों में कोविड-19 से मरने वाले मरीजों के रिकॉर्ड की जांच कर रहा है और इस दौरान उसे 62 वर्षीय मरीज की मौत की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पताल द्वारा इस मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को कथित तौर पर देरी से दिये जाने के मामले की पड़ताल की जा रही है।
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के साथ ही गैर सरकारी संगठन आरोप लगा रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों का खुलासा "अपनी सुविधानुसार" कर रहा है जिससे महामारी के सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गयी है।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 51 नये मामले मिले हैं। इसके साथ ही जिले में संक्रमितों की कुल तादाद 3,830 से बढ़कर 3,881 हो गयी है। इनमें से 161 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि इलाज के बाद इस महामारी के संक्रमण से मुक्त होने पर अब तक जिले के 2,591 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है।
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