देश की खबरें | भारत के ‘सकारात्मक एजेंडे’ को मिल रहा जी20 देशों का समर्थन, नहीं बन पा रही यूक्रेन मुद्दे पर बात

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वैश्विक समावेशी प्रगति पर भारत के जोर और कर पुनर्गठन व सतत विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के इसके प्रयासों को जी20 देशों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन इसे यूक्रेन संघर्ष को लेकर आम सहमति बनाने के प्रबल राजनीतिक प्रयास करने की जरूरत है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने शुक्रवार को यह बात कही।

हम्पी, 14 जुलाई वैश्विक समावेशी प्रगति पर भारत के जोर और कर पुनर्गठन व सतत विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार करने के इसके प्रयासों को जी20 देशों का समर्थन मिल रहा है, लेकिन इसे यूक्रेन संघर्ष को लेकर आम सहमति बनाने के प्रबल राजनीतिक प्रयास करने की जरूरत है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने शुक्रवार को यह बात कही।

जी20 देशों के शीर्ष वार्ताकारों ने बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय बैठक में एक मसौदा घोषणापत्र पर गहन चर्चा शुरू की। इस घोषणापत्र को 9 और 10 सितंबर को दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में पारित किया जा सकता है।

मसौदे में यूक्रेन संकट को लेकर पश्चिमी देशों और रूस-चीन गठबंधन के बीच गहरे मतभेद सामने आ रहे हैं।

इस घोषणापत्र में यूक्रेन संघर्ष पर दो पैराग्राफ पिछले साल नवंबर में इंडोनेशिया के बाली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में पारित घोषणापत्र से लिए गए हैं।

रूस और चीन दोनों ने बाली घोषणापत्र में यूक्रेन संघर्ष पर दो पैराग्राफ होने पर सहमति जताई थी, लेकिन इस साल वे इससे पीछे हट गए, जिससे भारत के लिए इस पेचीदा मुद्दे पर आम सहमति बनाने में मुश्किलें पैदा हो गईं।

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि जी7 देश बाली शिखर सम्मेलन में इस्तेमाल किए गए फॉर्मूले से कमोबेश सहमत हैं।

भारत के लगातार प्रयासों के बावजूद यूक्रेन संघर्ष से संबंधित उल्लेख पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।

लोगों ने कहा कि सभी पक्षों के विचारों को प्रतिबिंबित करने का प्रयास किया जा रहा है और कोई भी इस प्रक्रिया को बाधित नहीं करना चाहता। उभरती स्थिति के आधार पर कुछ कड़े फैसले लेने की आवश्यकता हो सकती है।

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