जरुरी जानकारी | सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों पर भारत का सीमा शुल्क लगाना निर्धारित मानकों का उल्लंघनः डब्ल्यूटीओ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विवाद निपटान पैनल ने सोमवार को अपने एक अहम फैसले में कहा कि भारत की तरफ से कुछ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उत्पादों पर लगाए गए सीमा शुल्क वैश्विक व्यापार मानदंडों का उल्लंघन करते हैं।
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के विवाद निपटान पैनल ने सोमवार को अपने एक अहम फैसले में कहा कि भारत की तरफ से कुछ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उत्पादों पर लगाए गए सीमा शुल्क वैश्विक व्यापार मानदंडों का उल्लंघन करते हैं।
यूरोपीय संघ, जापान और ताइवान ने डब्ल्यूटीओ से भारत की शिकायत की थी कि उसने कुछ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उत्पादों पर अनुचित सीमा शुल्क लगाए हैं।
डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान पैनल ने इस शिकायत की सुनवाई के बाद जारी अपने निर्णय में यह अनुशंसा की है कि भारत वैश्विक व्यापार एवं तटकर समझौता (गैट), 1999 के तहत निर्धारित अपने दायित्वों पर खरा उतरने वाले कदम उठाए।
डब्ल्यूटीओ ने इस मामले में यूरोपीय संघ, जापान और ताइवान की तरफ से लाए गए मामले में तीन समितियों की रिपोर्ट जारी की है।
यूरोपीय संघ ने दो अप्रैल, 2019 को दर्ज शिकायत में कहा था कि मोबाइल फोन एवं कलपुर्जों, इंटिग्रेटेड सर्किट (आईसी) और ऑप्टिकल समाधानों पर भारत ने सीमा शुल्क लगाकर डब्ल्यूटीओ के कुछ मानकों का उल्लंघन किया है। भारत ने इन उत्पादों पर 7.5 प्रतिशत से लेकर 20 प्रतिशत तक शुल्क लगाया था।
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