जरुरी जानकारी | भारत का यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता में गैर-शुल्क बाधाओं,आयात शुल्क पर बराबर ध्यान देने पर जोर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत में सार्थक प्रगति के लिए आयात शुल्क के मुद्दों को सुलझाने के साथ ही व्यवसायों के समक्ष पेश होने वाली गैर-शुल्क बाधाओं का समाधान तलाशने पर समान रूप से गौर करने पर जोर दिया है।
नयी दिल्ली, दो मई भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत में सार्थक प्रगति के लिए आयात शुल्क के मुद्दों को सुलझाने के साथ ही व्यवसायों के समक्ष पेश होने वाली गैर-शुल्क बाधाओं का समाधान तलाशने पर समान रूप से गौर करने पर जोर दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच के बीच ब्रसेल्स में हुई बैठक के दौरान वार्ता की प्रगति पर चर्चा की गई।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘ भारत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार वार्ता में सार्थक प्रगति के लिए शुल्क (आयात शुल्क) चर्चाओं के साथ-साथ गैर-शुल्क बाधाओं (एनटीबी) पर भी समान ध्यान देने की जरूरत है। इसके अलावा नियामक ढांचे को समावेशी, आनुपातिक होना चाहिए तथा व्यापार को प्रतिबंधित करने से बचना चाहिए।’’
देश ने पहले भी कई अवसरों पर यूरोपीय संघ के बाजारों में घरेलू उद्योग के समक्ष उत्पन्न गैर-शुल्क बाधाओं का मुद्दा उठाया है और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इस मुद्दे को सुलझाने का आग्रह किया है।
उन्होंने ‘‘मासिक’’ वार्ता और निरंतर ऑनलाइन जुड़ाव के जरिये वार्ता की गति को बनाए रखने के महत्व पर भी बल दिया।
अगले दौर की वार्ता 12-16 मई को यहां निर्धारित है।
इसमें कहा गया है कि मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) डिजिटल बदलाव का समर्थन कर और विविध एवं लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देकर वैश्विक वाणिज्य की उभरती वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने की आकांक्षा रखता है।
दोनों पक्षों ने आशा व्यक्त की कि समझौता संपन्न होने पर, बाजार तक पहुंच बढ़ाने, नियामक सहयोग को समर्थन देने तथा दोनों पक्षों में नवाचार व प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
इसमें कहा गया है ‘‘ दोनों पक्षों ने आर्थिक क्षमताओं को बनाए रखने में निवेश प्रवाह और लोगों से लोगों के बीच संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।’’
भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच आठ वर्ष से अधिक समय के अंतराल के बाद जून 2022 में बातचीत फिर से शुरू हुई। बाजारों को खोलने के स्तर पर मतभेदों के कारण 2013 में यह बातचीत रुक गई थी। वे दो चरणों में एफटीए को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2025 11:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

