विदेश की खबरें | ब्रिटेन मे भारतीय विद्यार्थी कर रहे कोविड-19 कठिनाई फंड का लाभ उठाने के लिए जद्दोजेहद: अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्रिटेन में कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते नौकरियां चले जाने से वित्तीय दबाव झेल रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की मदद के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा गठित कोविड-19 कठिनाई फंड तक पहुंचने में कई भारतीय छात्र-छात्राओं को बड़ी जद्दोजेहद करनी पड़ रही है। प्रवासी विद्यार्थियों पर किये गये एक अध्ययन में ऐसा पाया गया है।

लंदन, 19 अगस्त ब्रिटेन में कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते नौकरियां चले जाने से वित्तीय दबाव झेल रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की मदद के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा गठित कोविड-19 कठिनाई फंड तक पहुंचने में कई भारतीय छात्र-छात्राओं को बड़ी जद्दोजेहद करनी पड़ रही है। प्रवासी विद्यार्थियों पर किये गये एक अध्ययन में ऐसा पाया गया है।

यूनिस रेसिस्ट बोर्डर कंट्रोल्स एंड माइग्रेंट्स राई्टस नेटवर्क ने टियर 4 वीजा के तहत देश में आये अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए ब्रिटेन की उच्च शिक्षा में ‘सहयोग ढांचे की बड़ी कमी’ पायी। उनमें कई विद्यार्थी जरूरत के बावजूद मदद मांगने से डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनकी आव्रजन स्थिति पर असर पड़ सकता है।

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इस महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के चरम के रहने के दौरान जून में 31 विश्वविद्यालयों में 28 देशों के विद्यार्थियों पर कराये गये सर्वेक्षण में 54 फीसद प्रत्युत्तरदाता भारत से थे और उनमें से कई ने कठिनाई फंड के लिए खुद को अस्वीकार किये जाने की बात कही। कुछ को तो खर्च बचाने के लिए मुफ्त फूडबैंक का सहारा लेना पड़ा।

बेडफोर्डशायर विश्वविद्यालय के एक भारतीय छात्र ने कहा, ‘‘ मैंने इस साल की अपनी पूरी फीस जमा कर दी है और अब मैं काम नहीं होने की वजह से किराये और खाने -पीने के लिए पैसे के अभाव से गुजर रहा हूं।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी के तौर पर हम कोविड-19 के चलते वित्तीय कठिनाई से गुजर रहे हैं। हमारे पास पार्टटाइम काम नहीं है और हमारे परिवार के सदस्य इस महामारी में हमारा सहयोग करने में असमर्थ हैं। ऐसे में हम फूडबैंक का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य हैं और किराये के लिए जद्दोजेहद कर रहे हैं।’’

एक अन्य विद्यार्थी ने कहा कि ऐसे में हम जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, उससे मानसिक तनाव पैदा हो रहा है।

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