विदेश की खबरें | सिंगापुर में कोविड-19 ‘सर्किट ब्रेकर’ नियम तोड़ने पर भारतीय छात्र पर जुर्माना

सिंगापुर, 15 जून सिंगापुर की एक अदालत ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिये देश में लगाए गए ‘सर्किट ब्रेकर’ नियम का उल्लंघन कर किराये के एक घर में समागम में शामिल होने पर एक भारतीय छात्र पर सोमवार को 1400 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का जुर्माना लगाया।

अदालत ने जस्टीना भुल्लर (23) को कोविड-19 (अस्थायी उपाय) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया। इस अधिनियम के तहत पहली बार अपराध करने पर छह महीने तक जेल और 10 हजार सिंगापुरी डॉलर (7,163 अमेरिकी डॉलर) तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार अपराध करने पर एक वर्ष की कैद और 20 हजार सिंगापुरी डॉलर (14,326 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना हो सकता है।

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जस्टीना उन 10 भारतीय छात्रों में शामिल थी जो पांच मई को “सर्किट ब्रेकर” अवधि के दौरान किम कीट रोड स्थित एक अपार्टमेंट में इकट्ठा हुए थे। ‘सर्किट ब्रेकर’ अवधि के दौरान देश में घर पर मेहमानों को बुलाना या सामाजिक उद्देश्यों से लोगों से मिलना जुलना अपराध था।

इस महीने के शुरू में नौ भारतीय छात्रों को समान आरोपों में दोषी ठहराते हुए उन पर 2500 सिंगापुरी डॉलर (1,782 अमेरिकी डॉलर) से लेकर 4500 सिंगापुरी डॉलर (3,208 अमेरिकी डॉलर) तक जुर्माना लगाया गया था।

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स्ट्रेट टाइम्स की खबर के मुताबिक अदालत ने जस्टीना पर 2000 सिंगापुरी डॉलर (1,433 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगाया।

उप लोक अभियोजक स्टेफनी कोह ने कहा कि अविनाश कौर, नवदीप सिंह और सजनदीप सिंह तीन कमरों के किराये के घर में रह रहे थे। नवदीप और सजनदीप ने पांच मई को अपने छह पुरुष दोस्तों को घर पर बुलाया।

कौर ने जस्टीना को घर पर बुलाया जिससे वे साथ में पढ़ सकें।

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