हम्पी, 14 जुलाई अफ्रीकी संघ को जी20 की पूर्ण सदस्यता प्रदान करने के भारत के प्रस्ताव को उस मसौदा विज्ञप्ति में शामिल किया गया है जिसे सितंबर में नयी दिल्ली में समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस मामले के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
दुनिया के सबसे धनी देशों के समूह के शीर्ष वार्ताकार बृहस्पतिवार को इस विरासत शहर में शुरू हुई तीन दिवसीय शेरपा बैठक में विज्ञप्ति पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम से अवगत व्यक्तियों में से एक ने कहा, “अफ्रीकी संघ को पूर्ण जी20 सदस्यता देने का प्रस्ताव मसौदा विज्ञप्ति में शामिल किया गया है।”
प्रतिनिधियों में आमंत्रित देशों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लोग भी शामिल हैं, जो नौ और 10 सितंबर को होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में अंततः अपनाए जाने वाले नेताओं की घोषणा पर विचार-विमर्श और सह-लेखन कर रहे हैं।
नयी दिल्ली की अध्यक्षता में शेरपाओं की तीसरी बैठक की अध्यक्षता भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत कर रहे हैं।
अफ्रीकी संघ (एयू) एक महाद्वीपीय निकाय है जिसमें 55 सदस्य देश शामिल हैं जो अफ्रीकी महाद्वीप के देशों को बनाते हैं।
भारत एयू को सदस्यता देने के लिए यह तर्क देते हुए दबाव डाल रहा है कि महाद्वीप की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी20 देशों के नेताओं को पत्र लिखकर प्रस्ताव दिया था कि एयू को आगामी शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्यता दी जाए।
ऊपर उद्धृत लोगों ने कहा कि एयू के लिए जी20 सदस्यता के भारत के प्रस्ताव पर किसी भी असहमति का कोई संकेत नहीं मिला है। लेकिन साथ ही, उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन से पहले कुछ भी ठोस कहना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि जी20 आम सहमति के आधार पर काम करता है और एक भी विपरीत आवाज के परिणामस्वरूप प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलेगी।
भारत यह तर्क देता रहा है कि एयू को जी20 में शामिल करना न्यायसंगत, निष्पक्ष, अधिक समावेशी और प्रतिनिधि वैश्विक वास्तुकला तथा शासन की दिशा में एक सही कदम होगा।
शेरपाओं की बैठक में शनिवार को भारतीय प्रस्ताव पर विचार-विमर्श होना तय है।
भारत की जी20 अध्यक्षता के हिस्से के रूप में, मोदी जी20 एजेंडे में अफ्रीकी देशों की प्राथमिकताओं को शामिल करने पर भी विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
जी20, या ‘ग्रुप ऑफ 20’, दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरसरकारी मंच है।
जी20 में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
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