सिंगापुर, 28 जुलाई भारतीय मूल के राजनीतिक नेता प्रीतम सिंह को सिंगापुर की संसद में मंगलवार को विपक्ष का नेता नामित किया गया। यह देश के इतिहास में पहली ऐसी नियुक्ति है।
सिंह की वर्कर्स पार्टी ने 10 जुलाई को हुए आम चुनाव में 10 सीटे जीती थीं और यह सिंगापुर की संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई थी। 43 वर्षीय सिंह की पार्टी ने 93 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
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सिंह पार्टी के महासचिव हैं।
संसदीय कार्यालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सिंगापुर की संसद में कभी भी विपक्ष के नेता का आधिकारिक पद नहीं रहा और न ही संविधान या संसद के स्थायी आदेशों (स्टैंडिंग ऑर्डर्स ऑफ पार्लियामेंट) में ऐसे पद की व्यवस्था है।
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चैनल न्यूज एशिया ने बयान के हवाले से खबर दी है कि संसद में 1950 और 1960 के दशक में भी विपक्ष का नेता नहीं रहा जब संसद में अच्छी संख्या में विपक्षी सदस्य थे।
प्रधानमंत्री ली सियान लुआंग की सत्ताधारी पीपुल्स ऐक्शन पार्टी ने आम चुनाव में 83 सीटें जीती थीं और सरकार ने सोमवार को शपथ ली।
खबर में बयान के हवाले से बताया गया है कि सिंह और जिम्मेदारियां संभालेंगे और उन्हें विपक्ष के नेता की भूमिका के तौर पर अतिरिक्त विशेषाधिकार दिए जाएंगे।
संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) के कार्यालय और सदन में विपक्ष के नेता के दफ्तर ने एक संयुक्त बयान में बताया कि सिंह नीतियों, विधेयकों और प्रस्तावों पर संसदीय बहसों में वैकल्पिक विचार प्रस्तुत करने वाले विपक्ष का नेतृत्व करेंगे।
सिंह से प्रवर समिति, लोक लेखा समिति में विपक्षी सदस्यों की नियुक्ति में सलाह-मशविरा लिया जाएगा।
सिंह पेशे से वकील हैं। उन्हें अपनी नई भूमिका के लिए भत्ते के तौर पर सालाना 385,000 सिंगापुर डॉलर का पैकेज मिलेगा।
प्रधानमंत्री ली ने 11 जुलाई को कहा था कि सिंह को विपक्ष का नेता नामित किया जाएगा।
सोमवार को शपथ लेने के बाद, ली ने कहा कि चुनाव परिणामों ने सिंगापुर के लोगों की राजनीति में विचारों में विविधता के लिए मजबूत इच्छा प्रकट की है।
संसद के बयान में कहा गया है कि किसी भी नई नियुक्ति के साथ, विपक्ष के नेता की भूमिका विकसित होगी जैसे हमारी राजनीतिक व्यवस्था विकसित होती है।
बयान में कहा गया है कि हम मजबूत लेकिन स्थिर राजनीतिक व्यवस्था में विपक्ष के नेता के साथ काम करने को उत्सुक हैं जो सिंगापुर और सिंगापुर के हितों की सेवा करे।
सिंगापुर के 14वीं संसद की पहली बैठक 24 अगस्त को होगी।
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