विदेश की खबरें | सिंगापुर में घरेलू सहायिका से दुर्व्यवहार पर भारतीय मूल के दंपत्ति को कारावास

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सिंगापुर, 18 दिसंबर सिंगापुर की एक अदालत ने जनशक्ति मंत्रालय (एमओएम) द्वारा काली सूची में डाले जाने के बावजूद एक घरेलू सहायिका को काम पर रखने और न्याय प्रक्रिया को बाधित करने के मामले में भारतीय मूल के एक दंपत्ति को शुक्रवार को कारावास की सजा सुनाई।

सैयद मोहम्मद पीरन सैयद अमीर हमजा ने एक इंडोनेशियाई घरेलू सहायिका को काम पर रखने के लिए अपने व्यापारिक सहयोगी की पहचान का उपयोग करके मंत्रालय की काली सूची की अवहेलना की। उसे 36 सप्ताह या लगभग आठ महीने कारावास की सजा दी गई है।

41 वर्षीय हमजा ने न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने और एक ‘कामकाजी पास’ हासिल करने के लिए अपने सहयोगी को झूठी सूचना देने के लिए उकसाने के आरोप स्वीकार किए हैं। हमजा की पत्नी सबा परवीन (37) भारत की स्थायी निवासी है और न्याय को बाधित करने का जुर्म स्वीकार करने के बाद उसे तीन दिन के कारावास की सजा सुनाई गई। दंपत्ति की इंडोनेशियाई घरेलू सहायिका अमीना ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दंपत्ति ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।

‘टुडे’ समाचार पत्र ने बताया कि अदालत ने अमीना को संपूर्ण वेतन का भुगतान नहीं करने के आरोप को भी सजा सुनाते समय ध्यान में रखा।

इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट जज जेनिफर मैरी ने अमीना को प्रतिदिन पर्याप्त आराम नहीं दिए जाने के मामले में दंपत्ति को रिहा किए जाने के बाद भी बरी नहीं करने का फैसला सुनाया। इसका अर्थ है कि यदि उनके खिलाफ नए सबूत सामने आते हैं तो भविष्य में इन आरोपों के तहत उनके विरुद्ध मुकदमा चलाया जा सकता है।

सबा को 2014 में भी अपनी घरेलू सहायिका को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया था और दंपत्ति को 30 जून, 2019 तक काली सूची में डाल दिया गया था, यानी वे इस अवधि तक विदेशी घरेलू कर्मियों को काम पर नहीं रख सकते। इसके बाद हमजा ने अपने सहयोगी सुरेश मुरुगैयान को इस बात के लिए राजी किया कि वह अपने नाम से घरेलू सहायिका को भर्ती करे, जो उसके घर में सेवाएं दे सके।

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