देश की खबरें | भारतीय संस्थानों ने बातचीत के माध्यम से समस्याओं को सुलझाने की संस्कृति विकसित की: सीजेआई चंद्रचूड़

आइजोल, दो सितंबर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि भारतीय संस्थानों ने बातचीत, सहिष्णुता और साझा मूल्यों के माध्यम से समस्याओं को हल करने की संस्कृति विकसित की है, जबकि इसके उलट, कई देशों में समस्याओं का समाधान ‘‘अस्त्र-शस्त्रों के माध्यम से’’ होता है।

सीजेआई ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय की आइजोल पीठ की नयी इमारत का उद्घाटन करने के बाद यहां कहा कि कानून का शासन देश और न्यायाधीशों, वकीलों और वादियों को शक्ति प्रदान करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत सारे देश हैं, जहां समस्याओं का समाधान अस्त्र-शस्त्रों के माध्यम से होता है, लेकिन हमारी संस्था का महत्व यह है कि हमने हिंसा की संस्कृति को संवाद की संस्कृति, सहिष्णुता की संस्कृति, इस समझ और अहसास की संस्कृति से बदल दिया है कि मानवीय खुशी लाने में हमारा साझा हित है।’’

सीजेआई ने कहा कि न्याय की अदालत समाज भर में जो महत्वपूर्ण संदेश भेजती है वह यह है कि "हम कानून के शासन का प्रतिनिधित्व करते हैं, हम विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।"

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि समुदायों और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद की भावना ने पूरे देश में समझ की भावना विकसित की है।

उन्होंने महिलाओं से अधिक संख्या में न्यायपालिका में शामिल होने का आग्रह किया और यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने का भी आह्वान किया कि कार्यस्थल उनके लिए अधिक अनुकूल हो।

सीजेआई ने यह भी कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त आइजोल पीठ की नई इमारत सही दिशा में एक कदम है।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय की आइजोल पीठ की स्थापना पांच जुलाई, 1990 को हुई थी। यह मिजोरम की राजधानी के केंद्र से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर ऐनाव वेंग से कार्य करती थी।

नयी इमारत की आधारशिला मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहवला और गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह ने चार मार्च 2017 को रखी थी।

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