जरुरी जानकारी | पहली तिमाही में 13.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 13.5 प्रतिशत रही। यह पिछली चार तिमाहियों में सबसे अधिक है।
नयी दिल्ली, 31 अगस्त कृषि और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 13.5 प्रतिशत रही। यह पिछली चार तिमाहियों में सबसे अधिक है।
इस वृद्धि के साथ भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। चीन की वृद्धि दर 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में 0.4 प्रतिशत रही है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इससे पिछले वित्त वर्ष (2021-22) की अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) की वृद्धि दर 20.1 प्रतिशत रही थी।
जीडीपी वृद्धि दर 2021 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.4 प्रतिशत, अक्टूबर-दिसंबर में 5.4 प्रतिशत और जनवरी-मार्च, 2022 में 4.1 प्रतिशत रही थी।
जीडीपी से आशय एक निश्चित अवधि (तिमाही या वित्त वर्ष) में देश की सीमा के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य से है। यानी यह बताता है कि निश्चित अवधि में देश में कितने मूल्य का आर्थिक उत्पादन हुआ है।
पहली तिमाही में 13.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक के इस महीने की शुरुआत में जारी 16.2 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
एनएसओ ने बयान में कहा, ‘‘स्थिर मूल्य (2011-12) पर वास्तविक जीडीपी 2022-23 की पहली तिमाही में 36.85 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह एक साल पहले 2021-22 की इसी तिमाही में 32.46 लाख करोड़ रुपये थी। इससे पता चलता है कि पहली तिमाही में इसमें 13.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है...।’’
वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 2020 में अप्रैल-जून तिमाही में 27.03 लाख करोड़ रुपये था। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ से वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में इसमें 23.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
आंकड़ों के अनुसार, सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) इस साल अप्रैल-जून तिमाही में 12 प्रतिशत बढ़कर 34.41 लाख करोड़ रुपये रहा।
सकल मूल्य वर्धन यानी जीवीए देश की सीमा के भीतर निश्चित अवधि में वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को बताता है। इसमें उत्पाद के मूल्य में जो वृद्धि होती है, उसे लिया जाता है।
कृषि क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर पहली तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.2 प्रतिशत थी।
हालांकि, विनिर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर उल्लेखनीय रूप से घटकर 4.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 49 प्रतिशत थी।
आंकड़ों के अनुसार, खनन क्षेत्र में जीवीए वृद्धि 6.5 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही में 18 प्रतिशत थी। निर्माण क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर जून, 2022 को समाप्त तिमाही में घटकर 16.8 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 71.3 प्रतिशत थी।
बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य उपयोगी सेवाओं के क्षेत्र में वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 14.7 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 13.8 प्रतिशत थी।
जीवीए वृद्धि दर व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से सेवाओं जैसे सेवा क्षेत्र में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 25.7 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 34.3 प्रतिशत थी।
वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 9.2 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.3 प्रतिशत थी।
लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर जून, 2022 को समाप्त तिमाही में 26.3 प्रतिशत रही जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 6.2 प्रतिशत थी।
एनएसओ के अनुसार, मौजूदा कीमत पर जीडीपी (नॉमिनल जीडीपी) 2022-23 की पहली तिमाही में 26.7 प्रतिशत बढ़कर 64.95 लाख करोड़ रुपये रही जो बीते वित्त वर्ष 2021-22 की इसी तिमाही में 51.27 लाख करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2021-22 में मौजूदा कीमत पर जीडीपी में 32.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 31, 2022 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

