जरुरी जानकारी | मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा नहीं हुआ: जयशंकर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत ने पिछले वर्षों के दौरान जितने भी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किये उनका देश की अर्थव्यवस्था में क्षमता निर्माण के मामले में ज्यादा फायदा नहीं हुआ। हालांकि इस तरह के सभी समझौते एक जैसे नहीं हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को यह बात कही।
नयी दिलली, 20 जुलाई भारत ने पिछले वर्षों के दौरान जितने भी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किये उनका देश की अर्थव्यवस्था में क्षमता निर्माण के मामले में ज्यादा फायदा नहीं हुआ। हालांकि इस तरह के सभी समझौते एक जैसे नहीं हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को यह बात कही।
विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया के साथ जुड़ने के कई तरीके हैं लेकिन इसके लिये ‘एफटीए केन्द्रित’ तरीका ही हो यह जरूरी नहीं है।
जयशंकर ने यह टिप्पणी सीएनबीसी- टीवी 18 पर आनलाइन चर्चा के दौरान की। इस चर्चा में प्रमुख उद्योगपति सुनील कांत मुजाल और रणनीति मामलों के विशेषज्ञ प्रो. सी. राजा मोहन भी शामिल थे।
भारत के पड़ौसी देशों के साथ संबंधों से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जटिल पड़ौस है जिसमें अक्सर भारत पर ही भड़ास निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि देशों की घरेलू राजनीति के परिणामस्वरूप जो उतार- चढ़ाव की समस्या सामने आती है उसे संपर्क कि बुनियादी कड़ियों को बिठाकर दूर किया जा सकता है।
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एफटीए पर अपने विचारों को विसतार देते हुये जयशंकर ने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि उन्होंने (एफटीए) ने हमारी क्षमता निर्माण के मामले में अर्थव्यवस्था को फायदा नहीं पहुंचाया है। मेरा मानना है कि दुनिया से जुड़े रहने के कई तरीके हैं लेकिन जरूरी नहीं कि यह तरीका एफटीए- केन्द्रित ही हो।’’
उन्होंने, हालांकि, यह भी कहा कि सभी एफटीए एक जैसे नहीं हैं।
जयशंकर ने अवसरों की भू-राजनीति पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘आप अर्थव्यवसथा की स्थिति को देखिये, विनिर्माण की स्थिति को देखिये और उसके बाद मेरी आंखों में देखकर कहिये कि हां इन एफटीए से हमें काफी फायदा हुआ है। आप ऐसा नहीं कह पायेंगे।’’
उनहोंने कहा कि कोविद- 19 के बाद की दुनिया पहले से अधिक संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रही है।
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