देश की खबरें | भारतीय सेना ने अरुणाचल जलविद्युत परियोजनाओं पर गोष्ठी का आयोजन किया

डिब्रूगढ़ (असम), छह मार्च भारतीय सेना ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में ‘अरुणाचल प्रदेश - इंडिया सेंट्रिक जियोस्पेस’ शीर्षक पर दो दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

दिनजान सैन्य स्टेशन में बुधवार को शुरू हुई दो दिवसीय गोष्ठी में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति निर्माताओं और विद्वानों ने शिरकत की।

विज्ञप्ति में कहा गया कि इससे क्षेत्र के भू-राजनीतिक, आर्थिक और विकास संबंधी पहलुओं पर बहुमूल्य जानकारी मिली।

सीमा पार नदियों, जलवायु परिवर्तन और आर्कटिक मुद्दों पर अग्रणी विद्वान एवं टिप्पणीकर्ता उत्तम कुमार सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को चीन की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया करने के बजाय स्वतंत्र रूप से अपनी नदी प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।

सिन्हा ने कहा, ‘‘हमें अपनी क्षमताओं और सामर्थ्यों का निर्माण टिकाऊ और लोगों के अनुकूल तरीके से करना होगा। हमें चीन की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए, क्योंकि बांध उनकी तरफ बनाए जा रहे हैं। हमें ऐसे बुनियादी संरचना का निर्माण करने की जरूरत है, जो टिकाऊ हो और राज्य एवं उसके लोगों के बीच सहयोग को बढ़ावा दे।’’

‘नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (नीपको)’ के कार्यकारी निदेशक समीरन गोस्वामी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के साथ 13 जल विद्युत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

उन्होंने कहा ‘‘इनमें से नीपको पांच जल विद्युत परियोजनाओं का कार्यान्वयन करेगा और इनकी कुल क्षमता 2,626 मेगावाट होगी।’’

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