देश की खबरें | भारतीय सशस्त्र बलों और भारत की कूटनीति की जीत हुई: विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि यह “भारतीय शस्त्र बलों की जीत” है और उम्मीद है कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान कोई और मुद्दा नहीं खड़ा करेगा।

नयी दिल्ली, 11 मई भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि यह “भारतीय शस्त्र बलों की जीत” है और उम्मीद है कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान कोई और मुद्दा नहीं खड़ा करेगा।

चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी व सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बनी थी। इन हमलों के बाद दोनों देश पूर्ण युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने घोषणा करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों ने शनिवार दोपहर को बातचीत के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की तथा अगली वार्ता 12 मई को दोपहर 12 बजे निर्धारित की गई है।

यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावे के तुरंत बाद की गई। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया गया।

सामरिक मामलों के विशेषज्ञ मेजर जनरल पी. के. सहगल (सेवानिवृत्त) ने सैन्य कार्रवाइयों को रोकने की सहमति को दोनों देशों के लिए "बहुत अच्छी शुरुआत" बताया, क्योंकि बढ़ते तनाव के परिणामस्वरूप दोनों देशों को नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक ​​पाकिस्तान का सवाल है, हमने आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। भारत ने दिखा दिया है कि हमारे पास बहुत मजबूत और निर्णायक नेतृत्व मौजूद है।’’

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, "पिछले 11 वर्ष में भारत ने वायु रक्षा को मजबूत बनाने तथा सेना की क्षमताओं, योग्यता और पेशवेर तैयारियों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए काफी धन खर्च किया है।"

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