नयी दिल्ली, 29 अगस्त रूस में अगले महीने होने वाले युद्धाभ्यास में भारत अपनी तीन सेनाओं की टुकड़ियों को नहीं भेजेगा। इस युद्धाभ्यास में चीन और पाकिस्तान भी हिस्सा लेंगे। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
भारत ने पिछले हफ्ते रूस को सूचित किया था कि वह 15 से 26 सितंबर के बीच दक्षिण रूस के अस्त्राखान इलाके में होने वाले रणनीतिक कमान-पोस्ट अभ्यास में शामिल होगा।
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एक सूत्र ने बताया, ‘‘युद्धाभ्यास में शामिल नहीं होने का फैसला लिया गया है।’’
हालांकि, आधिकारिक रूप से भारत द्वारा पुराने फैसले को बदलने की वजह नहीं बताई गई है, लेकिन मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि चीन का इस युद्धाभ्यास में शामिल होना भारत के शामिल नहीं होने की वजह हो सकती है।
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उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगते कई इलाकों में गत साढ़े तीन महीनों से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध बना हुआ है। दोनों देश विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं।
चीन और पाकिस्तान सहित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के कई सदस्य देशों के इस युद्धाभ्यास में शामिल होने की उम्मीद है।
पहले इस युद्धाभ्यास में भारतीय थल सेना के 150 जवानों, भारतीय वायुसेना के 45 जवानों और कुछ नौसेना के अधिकारियों को भेजने की भारत की योजना थी।
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