नयी दिल्ली, 23 जून भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दोनों देशों के अधिकृत आर्थिक इकाइयों के लिए पारस्परिक मान्यता व्यवस्था लागू करने पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत सीमा शुल्क अधिकारी दोनों देशों के अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओ) को मान्यता देते हैं जिससे उन्हें सीमा शुल्क निकासी में तेजी लाने में मदद मिलती है।
एईओ कार्यक्रम सीमा शुल्क प्रशासन को सुरक्षित और अनुपालक निर्यातकों एवं आयातकों की पहचान करने और उन्हें बेहतर सुविधा प्रदान करने में सक्षम बनाता है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक ट्वीट में भारत और यूएई के बीच एईओ सुविधा समझौता होने की जानकारी दी।
सीबीआईसी ने कहा, "बेहतर व्यापार सुविधा और कारोबारी सुगमता के लिए भारत और यूएई ने ब्रसेल्स में डब्ल्यूसीओ सीमा शुल्क सहयोग परिषद की बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकृत आर्थिक परिचालकों के लिए पारस्परिक मान्यता व्यवस्था अपनाने पर हस्ताक्षर किए।"
इससे पहले सितंबर 2021 में भारत और अमेरिका ने एईओ मान्यता व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों ने पहले ही एक-दूसरे के एईओ कार्यक्रम का मूल्यांकन कर लिया है और अधिकृत आर्थिक इकाइयों के लिए पारस्परिक व्यवस्था को शीघ्रता से लागू करने के लिए काम कर रहे हैं।
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