जरुरी जानकारी | भारत 2019 में वैश्विक ऊर्जा खपत का दूसरा बड़ा चालक रहा: बीपी स्टेटिसटीकल समीक्षा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत वर्ष 2019 में प्राथमिक ऊर्जा की खपत बढ़ाने वाला चीन के बाद भारत दूसरा प्रमुख बाजार रहा। हालांकि, इस दौरान इसके तेल और कोयले की कुल मांग में कमी आई है। बीपी स्टेटिस्टिकल की बुधवार को जारी समीक्षा में यह कहा गया है।

नयी दिल्ली, 17 जून भारत वर्ष 2019 में प्राथमिक ऊर्जा की खपत बढ़ाने वाला चीन के बाद भारत दूसरा प्रमुख बाजार रहा। हालांकि, इस दौरान इसके तेल और कोयले की कुल मांग में कमी आई है। बीपी स्टेटिस्टिकल की बुधवार को जारी समीक्षा में यह कहा गया है।

बीपी की इस समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल वैश्विक स्तर पर प्राथमिक ऊर्जा उत्पादों की खपत में वृद्धि कमजोर पड़कर 1.3 प्रतिशत रही है जबकि इससे पिछले साल 2018 में इन उत्पादों की खपत में 2.8 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई थी।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को कोरोना संकट से हुआ बड़ा नुकसान, डीए-डीआर पर बढ़ी चिंता.

रिपोर्ट मं कहा गया है कि ऊर्जा खपत के क्षेत्र में जो वृद्धि हुई उसमें नवीकरणीय ऊर्जा और प्राकृतिक गैस का अग्रणी स्थान रहा है। इन दोनों की खपत वृद्धि के दम पर ही वर्ष की तीन तिमाहियों में मांग बढ़ती रही है। हालांकि, इस दौरान परमाणु सहित सभी ईंधनों की खपत में उनके 10 साल की औसत वृद्धि के मुकाबले धीमी वृद्धि हुई है।

इसमें कहा गया है, ‘‘देश के हिसाब से चीन ऊर्जा खपत का बड़ा अगुवा रहा है और प्राथमिक ऊर्जा की शुद्ध वेश्विक वृद्धि में तीन चौथाई योगदान उसका है। इसके बाद भारत और इंडोनेशिया का नंबर है। अमेरिका और जर्मनी में इसकी खपत सबसे ज्यादा गिरी।’’

यह भी पढ़े | राजस्थान: राज्य में बाहर से आने और दूसरे राज्यों में जाने के लिए अब नहीं लेना पड़ेगा पास.

हालांकि, इस सबके बावजूद वर्ष 2019 में ऊर्जा खपत में वृद्धि की दर 2018 के मुकाबले धीमी रही है। दुनिया में प्राथमिक ऊर्जा खपत जहां बढ़कर 583.90 एक्साजूल (ईजे) रही है वहीं भारत की खपत 2.3 प्रतिशत बढ़कर 34.06 ईजे रही है। यह वृद्धि 2018 के 5.2 प्रतिशत से कम रही है।

वहीं खपत के वास्तविक मात्रा के लिहाज से भारत की ऊर्जा खपत चीन के 141.70 ईजे और अमेरिका के 94.65 ईजे के मुकाबले तीसरे नंबर पर रही है।

ऊर्जा खपत में तेल, प्राकृतिक गैस, कोयल, बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है। इस दौरान वैश्विक तेल खपत 9 लाख बैरल यानी 0.9 प्रतिशत प्रतिदिन बढ़ी है। जो कि इसके पिछले 10 साल की औसत वृद्धि 1.3 प्रतिशत के मुकाबले कुछ नीचे रही है।

भारत तेल खपत के मामले में तीसरा सबसे बड़ा देश रहा है। भारत की तेल खपत की वृद्धि 1.59 लाख बैरल प्रतिदिन रही है। यह चीन के 6.81 लाख बैरल प्रतिदिन और ईरान के 1.83 लाख बैरल प्रतिदिन की खपत के बाद तीसरे स्थान पर रहा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

GT vs KKR, IPL 2026 25th Match Scorecard: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुभमन गिल ने कोलकाता नाइट राइडर्स के उम्मीदों पर फेरा पानी, 5 विकेट से मिली करारी हार; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

SRH vs CSK, IPL 2026 27th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 27वें मुकाबले में जीत की राह पर लौटना चाहेंगी सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपरकिंग्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

RCB vs DC, IPL 2026 26th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

RCB vs DC, IPL 2026 26th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 26वें मुकाबले में जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स करना चाहेगी वापसी, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू