देश की खबरें | भारत, स्पेन संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमत

नयी दिल्ली, 15 जून स्पेन ने बुधवार को भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भागीदारी करने में रुचि दिखाई और इसके साथ ही दोनों देशों ने यूक्रेन में मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की तथा युद्ध को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत यात्रा पर आए स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बरेस ब्यूनो ने अपनी व्यापक वार्ता में आतंकवाद, हिंसक चरमपंथ और साइबर अपराध जैसी साझा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर और अल्बरेस ने "रिश्तों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने" की प्रतिबद्धता जताई तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर रणनीतिक रूप से ध्यान बनाए रखने एवं समान विचारधारा वाले देशों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अल्बरेस एक दिन की भारत यात्रा पर हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित विस्तृत चर्चा हुई।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "दोनों नेताओं ने रक्षा अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया, जिसके तहत एयरबस स्पेन 56 सी-295 विमानों की आपूर्ति करेगी, जिनमें से 40 भारत में निर्मित होंगे, तथा वे रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए।"

इसने कहा कि भारत ने 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के माध्यम से अपने राष्ट्रीय रक्षा निर्माण कार्यक्रम में भाग लेने में स्पेन की रुचि का स्वागत किया।

पिछले साल सितंबर में, भारत ने भारतीय वायुसेना के पुराने एव्रो -748 विमानों को बदलने के लिए 56 सी -295 परिवहन विमान की खरीद के वास्ते एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ लगभग 21,000 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। यह परियोजना किसी निजी कंपनी द्वारा पहली बार भारत में सैन्य विमान के विनिर्माण की बात करती है।

जयशंकर ने ट्वीट किया, "स्पेन के विदेश मंत्री के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक चर्चा। राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में हमारी बढ़ती भागीदारी पर चर्चा की। आत्मनिर्भरता और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का समर्थन करने के लिए सहयोग बढ़ाने की परिकल्पना।"

वहीं, अल्बरेस ने भारत को एक वैश्विक शक्ति और स्पेन का एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया।

स्पेनिश में किए गए एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि जयशंकर के साथ बैठक शानदार रही और दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए काम करना जारी रखेंगे तथा सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सहयोग के लिए एक घोषणा पर हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर और अल्बरेस ने बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों का स्वागत किया तथा वे साझा हित के नए क्षेत्रों में उनका विस्तार करने पर सहमत हुए।

इसने कहा, "वे इस बात पर सहमत हुए कि आईटी, फार्मा और नवीकरणीय जैसे क्षेत्रों में अधिक अवसर हैं तथा हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक गतिशीलता, उन्नत सामग्री, गहरे समुद्र में अन्वेषण जैसे नए और अस्पष्ट उभरते क्षेत्र हैं जहां दोनों देश आगे सहयोग कर सकते हैं।"

मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने आपसी हित के कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, सतत विकास और आतंकवाद रोधी जैसी साझा चुनौतियों का समाधान करने में आपसी समझ और समर्थन का उल्लेख किया।

इसने कहा कि उन्होंने इस महीने के अंत में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता वार्ता को फिर से शुरू करने का स्वागत किया तथा दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन में मानवीय संकट पर अपनी चिंता व्यक्त की और युद्ध को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया।

अफगानिस्तान पर, दोनों पक्षों ने काबुल को निर्बाध रूप मानवीय सहायता और क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए आतंकी संगठनों द्वारा अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल न होने देने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष लातिन अमेरिका और कैरीबियाई क्षेत्र में विकास साझेदारी तथा आर्थिक गतिविधियों में सहयोग का पता लगाने पर सहमत हुए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)