नयी दिल्ली, 11 अगस्त भारत भगोड़े आर्थिक अपराधियों का तेजी से प्रत्यर्पण और संपत्ति की वसूली सुनिश्चित करने के लिए जी20 देशों के बीच आम सहमति चाहता है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को यह बात कही।
कोलकाता में शनिवार को महत्वपूर्ण जी20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले, सिंह ने यहां कहा कि आर्थिक अपराध कई लोगों के सामने आने वाली समस्या रही है, खासकर जब अपराधी देश के न्यायाधिकार क्षेत्र से भाग जाते हैं।
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, “जहां तक भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण और संपत्ति की वसूली का सवाल है, सभी जी20 देशों की राय एक है। लेकिन सदस्य देशों के अलग-अलग कानूनों के कारण इस संबंध में समस्या आती है।”
उन्होंने कहा कि इस खतरे से निपटने के लिए सामूहिक और संयुक्त कार्रवाई के वास्ते पहले से ही आम सहमति बन रही है और परिष्कृत प्रौद्योगिकियों को अपनाने की भी संभावना तलाशी जा रही है।
मंत्री ने कहा, “भारत भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ जी20 देशों के बीच आम सहमति चाहता है, ताकि उनका तेजी से प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके और घरेलू तथा विदेशी संपत्तियों की वसूली सुनिश्चित की जा सके।”
सिंह ने कहा कि जी20 बैठक सर्वसम्मतिपूर्ण दृष्टिकोण के लिए अच्छी प्रगति कर रही है।
उन्होंने कहा, “वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही थे, जिन्होंने अर्जेंटीना में जी20 शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नौ सूत्री कार्यक्रम पेश किया था।”
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला था, जिसमें अपराध की आय को प्रभावी ढंग से रोकना, अपराधियों की शीघ्र वापसी और अपराध की आय की प्रभावी वापसी सुनिश्चित करना शामिल है।
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