नयी दिल्ली, छह जून यूनिसेफ की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति जरूरतों को पूरा करने में सक्षम घरेलू दवा उद्योग के सफलतापूर्वक विकास का भारत एक प्रमुख उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भारत दवा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किए गए मॉडल से संबंधित अपनी विशेषज्ञता और सीख को उन देशों तथा क्षेत्रों के साथ साझा कर सकता है, जो निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने, विनियामक और गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली सुनिश्चित करने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित करने सहित क्षमताओं का निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) में स्वास्थ्य आपात रणनीति और भागीदारी केंद्र की वरिष्ठ प्रबंधक तारा एल प्रसाद ने कहा, "आगे, भारत मानव और भौतिक पूंजी में निवेश के साथ-साथ अनुसंधान एवं विकास नवप्रवर्तक उद्योग के विस्तार के लिए सामान्य उद्योग से आगे बढ़ने में अपनी सीख सहित एक सक्षम वातावरण बनाने के तरीके पर ज्ञान साझा कर सकता है।"
वह यहां चार से छह जून तक आयोजित जी20 स्वास्थ्य कार्य समूह की तीसरी बैठक में भाग लेने आई हैं।
कोविड-19 महामारी से सीखे गए प्रमुख सबक पर प्रसाद ने कहा कि कोविड अपने वैश्विक स्तर, वायरस की नवीनता और सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव के रूप में अभूतपूर्व था।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत करने सहित स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना तैयारियों का एक अभिन्न अंग होना चाहिए।
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