देश की खबरें | भारत, पाकिस्तान ने स्थायी सिंधु आयोग की बैठक में वर्तमान परियोजनाओं पर चर्चा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और पाकिस्तान के बीच 1-3 मार्च तक स्थायी सिंधु आयोग (पीसीआईडब्ल्यू) की वार्षिक बैठक हुई जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने मौजूदा मौसम के दौरान बाढ़ प्रवाह की जानकारी सहित पकाल दुल, किरू तथा निचली कलानी सहित वर्तमान में जारी परियोजनाओं को लेकर तकनीकी चर्चा की । विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी ।
नयी दिल्ली, तीन मार्च भारत और पाकिस्तान के बीच 1-3 मार्च तक स्थायी सिंधु आयोग (पीसीआईडब्ल्यू) की वार्षिक बैठक हुई जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने मौजूदा मौसम के दौरान बाढ़ प्रवाह की जानकारी सहित पकाल दुल, किरू तथा निचली कलानी सहित वर्तमान में जारी परियोजनाओं को लेकर तकनीकी चर्चा की । विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी ।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘भारतीय पक्ष ने इस बात को रेखांकित किया कि सभी परियोजनाओं को लेकर संधि के प्रावधानों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए तथा अपने रूख को लेकर विस्तृत तकनीकी ब्यौरा प्रस्तुत किया । ’’
बयान के अनुसार, बैठक जल विज्ञान संबंधी तथा बाढ़ को लेकर आंकड़ों का आदान प्रदान किया गया।
इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने फजिल्का नाले के मुद्दे पर भी चर्चा की ।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, पाकिस्तान ने आश्वस्त किया कि सतलज नदी में फजिल्का नाले का मुक्त प्रवाह सुनिश्चित करने के लिये सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे ।
मंत्रालय ने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई तथा दोनों आयुक्तों ने संधि के तहत द्विपक्षीय चर्चा के जरिये मुद्दों के समाधान का प्रयास करने के लिए और जल्दी संवाद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
दोनों पक्षों ने एक दूसरे की सुविधा के अनुरूप किसी तिथि को आयोग की अगली बैठक बुलाने पर सहमति व्यक्त की ।
भारत के सिंधु जल आयुक्त पी के सक्सेना की अगुवाई में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीसीआईडब्ल्यू की वार्षिक बैठक में भाग लेने लिए सोमवार को वाघा बॉर्डर के जरिए इस्लामाबाद पहुंचा था और उसने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।
इस तीन दिवसीय बैठक का आयोजन सिंधु जल संधि-1960 के दायित्वों के तहत पाकिस्तान के सिंधु जल आयुक्त के कार्यालय ने किया था।
भारत और पाकिस्तान ने नौ साल तक चली बातचीत के बाद 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे। संधि में नदियों के इस्तेमाल के संबंध में दोनों देशों के बीच सहयोग और सूचना के आदान-प्रदान के लिए एक व्यवस्था तय की गयी। हालांकि, संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच असहमतियां और मतभेद भी रहे हैं।
दीपक
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