जरुरी जानकारी | भारत ने ताजा नीलामी दौर में तेल, गैस के 26 ब्लॉक की पेशकश की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत ने तेल एवं गैस का पता लगाने और उत्पादन के लिये ताजा अपतटीय बोली चरण में वृहत स्तर पर 26 क्षेत्रों की पेशकश की है। तेल नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर भारत ने तेल एवं गैस का पता लगाने और उत्पादन के लिये ताजा अपतटीय बोली चरण में वृहत स्तर पर 26 क्षेत्रों की पेशकश की है। तेल नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इसके साथ, कोयला भंडार या कोयला सीम से मिथेन गैस निकालने (सीबीएम) की संभावनाओं का पता लगाने के लिये अलग से 16 क्षेत्रों की पेशकश की जा रही है।
तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन क्षेत्र के नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने कहा, ‘‘सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली के जरिये खोज एवं विकास को लेकर 26 ब्लॉक की पेशकश की घोषणा की है। ये ब्लॉक 2.23 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं।’’ नियामक ने बोली के लिये समयसीमा की फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है।
कुल 26 ब्लॉक में से 15 क्षेत्र गहरे जल क्षेत्र, आठ उथले समुद्री क्षेत्र तथा तीन जमीनी क्षेत्र में स्थित हैं।
बोली दौर का आयोजन 2016 की नीति...हाइड्रोकार्बन खोज और लाइसेंस नीति (एचईएलपी)... के तहत किया जाएगा। यह नीति 30 मार्च, 2016 को लायी गयी थी।
तब से, मुक्त क्षेत्र लाइसेंस कार्यक्रम (ओएएलपी) के अंतर्गत सात दौर की बोलियां पूरी हुई हैं और 134 खोज और उत्पादन ब्लॉक आवंटित किये गये हैं। ये ब्लॉक 19 अवसादी बेसिन में 2,07,691 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं।
आठवें दौर की शुरुआत जुलाई में की गयी। इसमें 10 क्षेत्रों की पेशकश की गयी। क्षेत्र के लिये सफल बोलीदाताओं के नामों की घोषणा अभी होनी है।
आठवें दौर की नीलामी के तहत ब्लॉक के सफल आवंटन से खोज क्षेत्र में 36,316 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जुड़ेंगे। ओएएलपी व्यवस्था के तहत कुल खोज क्षेत्र बढ़कर 2,44,007 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।
डीजीएच ने ताजा दौर को एचईएलपी के तहत ‘अपतटीय बोली दौर’ (ओएएलपी बोली दौर-नौ) का नाम दिया है। इस चरण में जितने क्षेत्र की पेशकश की गयी है, वह आठ दौर की बोलियों में पेश किए गए क्षेत्र के लगभग बराबर है।
डीजीएच ने कहा कि 16 सीबीएम ब्लॉक की पेशकश विशेष बोली दौर में की गयी है। ये ब्लॉक मध्य प्रदेश (चार), छत्तीसगढ़, तेलंगाना (तीन-तीन), महाराष्ट्र, ओड़िशा (दो-दो), झारखंड और पश्चिम बंगाल (एक-एक) में हैं।
ओएएलपी की तरह ही, सीबीएम ब्लॉक की राजस्व हिस्सेदारी आधार पर पेशकश की जा रही है। जो कंपनी सबसे ज्यादा आय की पेशकश सरकार को करेगी, उसे ब्लॉक मिलेगा।
इस नियम के अपवाद ऐसे ब्लॉक हैं जो कम संभावना वाले बेसिन में स्थित हैं।
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