नयी दिल्ली, 15 जून भारत छह देशों से रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में उपयोग होने वाले पॉलीस्ट्रीन के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क लगा सकता है। इन देशों... ईरान, मलेशिया, सिंगापुर, चीन ताइपे, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका... से सस्ते आयात से घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा के लिये यह कदम उठाया जा सकता है।
डंपिंग से आशय घरेलू बाजार से कम मूल्य उसका निर्यात करना है। इससे आयातक देश में इसके विनिर्माण से जुड़ी कंपनियों के मार्जिन और लाभ पर असर पड़ता है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधीन आने वाली जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने मामले की पड़ताल के बाद इन छह देशों से आयातित वस्तु पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
महानिदेशालय ने अधिसूचना में कहा कि उसकी जांच में डंपिंग की बात पायी गयी और इससे घरेलू उद्योग पर असर पड़ रहा है। उसने 35 डॉलर प्रति टन से 474 डॉलर पति टन तक शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
उसने कहा, ‘‘प्राधिकरण का मानना है कि डंपिंग के प्रभाव को कम करने के लिये डंपिंग रोधी शुल्क लगाना जरूरी है। इसीलिए प्राधिकरण आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है।’’
इस उत्पाद का आयात जांच अवधि (जनवरी-दिसंबर 2018) के दौरान बढ़कर 30,037 टन पहुंच गया जो 2015-16 में 16,915 टन था।
डीजीटीआर शुल्क की सिफारिश करता है जबकि इसे लगाने के बारे में अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय करता है।
पॉलीस्ट्रीन का उपयोग रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर, स्टेशनरी, घरों में उपयोग होनेवाले सामान, खिलौने आदि में होता है।
शुल्क लगाने का मकसद घरेलू और विदेशी उत्पादकों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
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