ताजा खबरें | भारत में तीन साल में 329 बाघों की मौत :सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बताया कि भारत में पिछले तीन साल में 329 बाघों की मौत शिकार, प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से हो गयी।
नयी दिल्ली, 26 जुलाई सरकार ने बताया कि भारत में पिछले तीन साल में 329 बाघों की मौत शिकार, प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से हो गयी।
उसने यह भी कहा कि इसी अवधि में शिकार, बिजली का करंट लगने, जहरीले पदार्थ का सेवन करने और ट्रेन हादसों की वजह से 307 हाथियों की मृत्यु हो गयी।
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 2019 में 96 बाघों की मौत हो गयी, 2020 में 106 तथा 2021 में 127 बाघ मारे गये। चौबे के अनुसार इनमें 68 बाघ प्राकृतिक कारणों से, पांच अप्राकृतिक कारणों से और 29 बाघ शिकारियों के हमलों में मारे गये।
मंत्री के जवाब में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार शिकार के मामलों की संख्या में कमी आई है जो 2019 में 17 से 2021 में घटकर चार रह गयी है।
आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में बाघों के हमलों में 125 लोग मारे गये जिनमें 61 महाराष्ट्र में और 25 उत्तर प्रदेश में मारे गये।
चौबे ने कहा कि पिछले तीन साल में देश में 222 हाथियों की मौत हो गयी जिनमें ओडिशा में 41, तमिलनाडु में 34 और असम में 33 हाथी मारे गये।
जवाब के अनुसार 45 हाथियों की मौत ट्रेन दुर्घटनाओं में हुई जिनमें 12 ओडिशा में और 11 पश्चिम बंगाल में मारे गये।
आंकड़े बताते हैं कि 29 हाथियों की मौत शिकार की वजह से हुई जिनमें मेघालय में 12 और ओडिशा में 7 हाथी मारे गये, वहीं इस अवधि में 11 हाथी जहरीले पदार्थ का सेवन करने की वजह से मारे गये और इनमें नौ मामले असम के थे।
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