जरुरी जानकारी | अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा है भारत : मुख्य वार्ताकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को बातचीत के जरिये अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा है। वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

नयी दिल्ली, 10 जुलाई भारत, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को बातचीत के जरिये अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहा है। वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

अग्रवाल प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के मुख्य वार्ताकार भी हैं।

इस समझौते के पहले चरण को इस साल शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे पहले, दोनों देश एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

अग्रवाल ने कहा कि भारत ने अबतक 26 देशों के साथ 14 से अधिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) लागू किए हैं।

उन्होंने यहां ‘एक्सपोर्ट लॉजिस्टिक’ पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘ अब हम प्रमुख बाजारों के साथ जुड़ रहे हैं...हमने हाल ही में ब्रिटेन के साथ एक समझौता किया है। हम यूरोपीय संघ के साथ बातचीत के अग्रिम चरण में हैं। हम अमेरिका के साथ भी समझौते पर बातचीत कर उसे अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत, चिली और पेरू सहित लातिनी अमेरिकी देशों के साथ भी व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ हमने ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ व्यापार समझौता किया है। हम न्यूजीलैंड के साथ बातचीत कर रहे हैं... हम प्रमुख व्यापारिक साझेदारों तथा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापक स्तर पर जुड़े रहे हैं... इससे भारत के लिए भी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का हिस्सा बनने के बड़े अवसर उत्पन्न होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे शुल्क में द्विपक्षीय रूप से कटौती की जाएगी... लोग शुल्क और नियामक परिदृश्य का अनुमान लगाने की क्षमता के आधार पर दीर्घकालिक निवेश निर्णय लेने में सक्षम होंगे... इसमें लॉजिस्टिक भी एक प्रमुख निर्धारक होगा।’’

अग्रवाल ने कहा कि सरकार भारत में उद्योग के लिए लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत का निर्यात एवं आयात 1,150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है, इसलिए ‘‘लॉजिस्टिक महत्वपूर्ण है।’’

मुख्य वार्ताकार ने कहा कि आने वाले वर्षों में विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने में लॉजिस्टिक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

वर्तमान में इसकी हिस्सेदारी करीब दो प्रतिशत है।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों, विनियमनों के सामंजस्य और कुशल लॉजिस्टिक परिवेश से शुल्क में कमी ने पिछले दो से तीन दशक में वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (जीवीसी) को मजबूत करने में मदद की है।

वर्तमान में, 70 प्रतिशत वैश्विक व्यापार जीवीसी द्वारा संचालित होता है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ हमने वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकरण तो कर लिया है, लेकिन इसमें हमारी भागीदारी अब भी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बहुत कम है।’’

उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि यात्रा के साथ वस्तुओं की प्रकृति बदलने से मजबूत लॉजिस्टिक परिवेश तंत्र का महत्व बढ़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज जब हम किसी देश के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) करते हैं तो इसमें एक प्रमुख मांग सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा के बारे में स्पष्ट प्रतिबद्धताओं की होती है और यह निर्बाध लॉजिस्टिक परिवेश के अलावा और कुछ नहीं है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Pahalgam Terror Attack Anniversary: पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर Razdan Pass पर उमड़ी पर्यटकों की भीड़, जान गंवाने वाले पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि; VIDEO

LSG vs RR, IPL 2026 32nd Match Preview: इकाना स्टेडियम में आज लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच होगा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानें हेड टू हेड, पिच रिपोर्ट समेत सारे डिटेल्स

LSG vs RR, IPL 2026 32nd Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 32वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को हराकर तीसरी जीत दर्ज करना चाहेगी लखनऊ सुपर जायंट्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

Mumbai-Pune Expressway: ब्रिज मरम्मत के चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 23-24 अप्रैल को 3 घंटे के लिए यातायात रहेगा बंद, यात्रियों के लिए एडवायजरी; चेक डिटेल्स