नयी दिल्ली, 16 जुलाई भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
भारत-इंडोनेशिया-ऑस्ट्रेलिया त्रिपक्षीय वार्ता की मुख्य बैठक में हिंद-प्रशांत की समग्र स्थिति की समीक्षा की गई।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, ‘‘तीनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) तंत्र, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता, समुद्री प्रदूषण और नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग प्रारूप के तहत अवसरों का पता लगाने को लेकर चर्चा की।"
इसने कहा है कि तीनों पक्षों ने भारत की आईपीओआई और हिंद-प्रशांत को लेकर ‘आसियान के दृष्टिकोण’ के बीच आए झुकाव का संज्ञान भी लिया।
भारत लगातार हिंद-प्रशांत में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता रहा है। आसियान को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया ने अपने साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और एक मुक्त, खुले, समावेशी, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में बैंकॉक में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में समुद्री क्षेत्र के संरक्षण और स्थायी उपयोग तथा एक सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाने के लिए सार्थक प्रयास करने के लिए हिंद-प्रशांत महासागर पहल की स्थापना का प्रस्ताव रखा था।
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