नयी दिल्ली, 16 नवंबर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश किया है कि वैज्ञानिक अनुसंधान का उपयोग हर क्षेत्र में विकास के लिए कैसे किया जा सकता है।
फरीदाबाद में अगले साल 17-20 जनवरी तक आयोजित होने वाले भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) के पूर्वावलोकन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला पहला देश है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश किया है कि वैज्ञानिक अनुसंधान का उपयोग विकास उद्देश्यों के लिए कैसे किया जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि चाहे सड़क, रेलवे, स्मार्ट सिटी परियोजना, डिजिटल स्वास्थ्य सेवा, गहरे समुद्र में अन्वेषण हो या भूजल या फसल मानचित्रण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग हों, ये सभी जगह दिखाई देते हैं।
मंत्री ने कहा कि आईआईएसएफ का उद्देश्य जनता तक पहुंचना और लोगों को विज्ञान व प्रौद्योगिकी से जोड़ने का प्रयास करना है।
आईआईएसएफ 2023 का विषय ‘अमृत काल में विज्ञान और प्रौद्योगिकी तक सार्वजनिक पहुंच’ है।
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