ताजा खबरें | भारत ने तमिलों के हितों की रक्षा करने के लिए श्रीलंका से निरंतर कहा है: सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने तमिल समुदाय के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए श्रीलंका से निरंतर कहा है तथा एक बहु-जातीय, बहुभाषी और बहुधार्मिक समाज वाले द्वीपीय देश के स्वरूप को संरक्षित करने के प्रयासों का सदैव समर्थन किया है।

नयी दिल्ली, 29 जुलाई भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने तमिल समुदाय के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए श्रीलंका से निरंतर कहा है तथा एक बहु-जातीय, बहुभाषी और बहुधार्मिक समाज वाले द्वीपीय देश के स्वरूप को संरक्षित करने के प्रयासों का सदैव समर्थन किया है।

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि यह ज्ञात हुआ है कि श्रीलंका के कुछ तमिल राजनीति दलों ने गृह युद्ध के दौरान मानवाधिकारों के हनन के आरोपों के संबंध में अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि भारत ने श्रीलंकाई सरकार से आग्रह किया है कि वह सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और तमिल समुदाय की आकांक्षाओं का ध्यान रखे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा से श्रीलंका की एक बहु-जातीय, बहुभाषी और बहुधार्मिक समाज के रूप में विशेषता को संरक्षित करने के प्रयासों का समर्थन किया है जिसमें श्रीलंकाई तमिल समुदाय सहित सभी नागरिक समानता, सुरक्षा और समरसता से रह सके और संयुक्त श्रीलंका के भीतर समृद्ध हों और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करें।’’

मुरलीधरन श्रीलंका में गृह युद्ध के दौरान तमिलों के मानवाधिकार से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस संदर्भ में सभी स्तर पर द्विपक्षीय चर्चा के दौरान श्रीलंका सरकार से निरंतर आह्वान किया गया है कि वे श्रीलंका में तमिलों के हितों की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों का समाधान करने से संबंधित अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करें।’’

ज्ञात हो कि श्रीलंका में तमिल समुदाय के साथ शक्तियों के विकेंद्रीकरण करने वाले श्रीलंकाई संविधान के 13वें को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग कर रहे हैं।

विदेश राज्य मंत्री ने इस सवाल का सीध जवाब नहीं दिया कि क्या भारत श्रीलंका में मानवाधिकारों के हनन के विरूद्ध जवाबदेही से निपटने वाली घरेलू प्रक्रिया की कोई गुंजाइश ना देखते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए उपाय शुरू करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि तमिल समुदाय की उचित आकांक्षाओं को पूरा करना श्रीलंका के सर्वोत्तम हित में है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा भारत ने श्रीलंका से यह आग्रह भी किया है कि वह तमिल समुदाय किी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ रचनात्मक रूप से संपर्क जारी रखे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि श्रीलंका के सभी नागरिकों की मौलिक स्वतंत्रता और उसके मानवाधिकार पूरी तरह से सुरक्षित रहें।’’

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