देश की खबरें | भारत-यूरोपीय संघ संबंध इस सदी की निर्णायक साझेदारियों में से एक बन सकता है: वॉन डेर लेयेन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस युग में अपने रणनीतिक संबंधों को ‘‘अगले स्तर’’ पर ले जाना चाहिए और यह संबंध इस सदी की निर्णायक साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता रखता है।
नयी दिल्ली, 28 फरवरी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ को महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस युग में अपने रणनीतिक संबंधों को ‘‘अगले स्तर’’ पर ले जाना चाहिए और यह संबंध इस सदी की निर्णायक साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता रखता है।
वॉन डेर लेयेन ने एक थिंक टैंक को संबोधित करते हुए घोषणा की कि यूरोपीय संघ जापान और दक्षिण कोरिया के साथ किए गए समझौतों की तरह भारत के साथ भविष्य में ‘‘सुरक्षा साझेदारी’’ की संभावनाएं तलाश रहा है।
यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने कहा कि दोनों पक्ष इस वर्ष तक एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने पर विचार कर रहे हैं जो विश्व स्तर पर अपनी तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘विश्व किस प्रकार ‘‘खतरों’’ से भरा हुआ है और शक्ति को लेकर महाप्रतिस्पर्धा का आधुनिक संस्करण यूरोप और भारत को अपनी साझेदारी के संबंध में ‘‘पुन: कल्पना’’ करने का अवसर देता है।’’
उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब व्यापार और शुल्क के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच तनाव पैदा हो गया है।
उन्होंने ‘इंडियाज वर्ल्ड’ में कहा, ‘‘पिछले 30 साल में हमने साथ मिलकर बहुत कुछ किया है लेकिन सच तो यह है कि हम अपनी क्षमता का अभी तक बहुत कम दोहन कर पाए हैं इसलिए यह हमारे सहयोग पर सीमाएं लगाने का समय नहीं है।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता से पहले कहा, ‘‘यह व्यावहारिक और महत्वाकांक्षी होने का समय है तथा आज की वास्तविकताओं के अनुरूप अपनी प्राथमिकताओं को फिर से संरेखित करने का समय है।’’
लेयेन ‘ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स’ यानी समूह के 27 सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ दो दिवसीय भारत यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को यहां पहुंचीं।
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और भारत में इस सदी की निर्णायक साझेदारियों में से एक बनने की क्षमता है तथा आगामी वर्षों और दशकों में नयी दिल्ली यूरोप की विदेश नीति की आधारशिला होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि यह यात्रा एक नए युग की शुरुआत हो। मैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ही विचार रखते हैं। अब समय आ गया है कि हम यूरोपीय संघ और भारत की अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाएं। हमारी अपनी सुरक्षा और समृद्धि के लिए, हमारे सामने मौजूद साझा वैश्विक चुनौतियों के लिए और हमारे संबंधित क्षेत्रों एवं विश्व भर में हमारे साझेदारों के लाभ के लिए...।’’
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा तथा संपर्क एवं वैश्विक भागीदारी के क्षेत्र में सहयोग यूरोपीय संघ एवं भारत की भागीदारी को अगले स्तर पर ले जा सकता है।
वॉन डेर लेयेन ने मुक्त व्यापार समझौते पर कहा कि वह इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया में इस तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा। मैं अच्छी तरह से जानती हूं कि यह आसान नहीं होगा।’’
लेयेन ने कहा, ‘‘लेकिन मैं यह भी जानती हूं कि समय एवं दृढ़ संकल्प मायने रखता है और यह साझेदारी हम दोनों के लिए सही समय पर हो रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि हमने इस वर्ष इसे पूरा करने के लिए जोर देने पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ सहमति व्यक्त की है। आप मेरी पूर्ण प्रतिबद्धता पर भरोसा कर सकते हैं कि हम इसे अंजाम तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।‘’’
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यूक्रेन पर यूरोपीय रुख को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के असफल होने से दुनिया के अन्य हिस्सों में भी चुनौतियां बढ़ेंगी, खासकर इस क्षेत्र में।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर के अन्य देश इस बात पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं कि अगर आप किसी पड़ोसी पर आक्रमण करते हैं या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन करते हैं तो क्या आपको कोई छूट मिलती है या क्या कोई वास्तविक निवारक कदम है।’’
उन्होंने संपर्क सुविधा के बारे में कहा कि भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप गलियारा भारत, अरब की खाड़ी और यूरोप को सीधे जोड़ने वाला एक आधुनिक सुनहरा मार्ग हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि 2025 यूरोप और भारत के बीच एक अविभाज्य साझेदारी बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।’’
वॉन डेर लेयेन ने भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित सुरक्षा साझेदारी को लेकर कहा कि इससे ‘‘हमें सीमा पार आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा के खतरे, साइबर हमले या हमारे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले जैसे साझा खतरों का मुकाबला करने की दिशा में हमारे काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘हम बहुत कुछ कर सकते’’ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, समुद्री सुरक्षा पर हाल ही में हुआ सहयोग। मैं यूरोपीय संघ के ‘परमानेंट स्ट्रक्चर्ड कोऑपरेशन’ (स्थायी संरचित सहयोग) के तहत रक्षा औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल होने में भारत की रुचि देखकर खुश हूं।’’
वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘भारत अपनी सैन्य आपूर्ति में विविधता लाने और नयी क्षमताओं तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। मेरा मानना है कि हम अपने सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने में एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।’’
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने यूक्रेन पर यूरोपीय स्थिति को भी दोहराया।
उन्होंने कहा कि असफल यूक्रेन से विश्व के अन्य भागों में भी चुनौतियां बढ़ेंगी, खासकर इस क्षेत्र में।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के अन्य देश इस बात पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं कि अगर आप अपने पड़ोसी पर आक्रमण करते हैं या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन करते हैं तो क्या आपको कोई छूट मिलेगी। या क्या वास्तव में कोई निवारक उपाय हैं।’’
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