विदेश की खबरें | भारत ने इराक के दोहुक में बमबारी की निंदा की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र, 27 जुलाई भारत ने उत्तरी इराक में एक पर्वतीय रिजॉर्ट में हाल में हुई बमबारी की कड़ी निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र से इराक की चिंताओं का हल निकालने को कहा है।

भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इराक के विदेश मंत्री द्वारा जतायी गयी उन चिंताओं का समाधान निकालना चाहिए कि तुर्की की सेनाओं ने उनके देश की संप्रभुत्ता के खिलाफ ‘‘खुला और घोर’’ हमला किया है।

दोहुक में हमलों पर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के उपराजदूत आर रवींद्र ने कहा कि इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में दोहुक गवर्नरेट के जाखो जिले में हाल में बमबारी की ‘‘कड़ी’’ भारत कड़ी निंदा करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार तथा भारत के लोगों की ओर से, मैं इस हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’

गौरतलब है कि इस हमले में नौ नागरिकों की मौत हो गयी और 33 अन्य घायल हो गए।

रवींद्र ने कहा कि इराक क्षेत्र के भीतर इस तरह का हमला देश की संप्रभुत्ता पर ‘‘स्पष्ट हमला’’ है। उन्होंने कहा कि एक असैन्य स्थान पर यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का घोर उल्लंघन भी दर्शाता है।

सोमवार को एक बयान में सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों ने दोहुक हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और सभी देशों से इराक सरकार के साथ सक्रियता से सहयोग करने का अनुरोध किया।

भारत ने कहा कि इराक की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुत्ता का सम्मान किया जाना चाहिए और संबंधित पक्ष को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों का भी पालन करना चाहिए और साथ ही जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इन हमलों की जांच में इराक सरकार के साथ सहयोग भी करना चाहिए।

रवींद्र ने कहा कि इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को भारत सर्वोच्च महत्व देता है।

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