दोषपूर्ण परिणाम दे रही त्वरित जांच किट की भारत ने चीन की कंपनियों की आपूर्ति रद्द की : आईसीएमआर
उल्लेखनीय है कि चीन से पिछले सप्ताह आयात की गयी त्वरित जांच किट से पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में सटीक परिणाम नहीं मिलने के बाद आईसीएमआर ने इनके इस्तेमाल को फिलहाल रोक दिया था।
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने सोमवार को बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिये चीन से आयात की गयी त्वरित एंटीबॉडी जांच किट से सटीक परिणाम नहीं मिलने पर, भारत ने आपूर्तिकर्ता कंपनियों के विरुद्ध करार के मुताबिक कार्रवाई करते हुये आपूर्ति को रद्द कर दिया।
उल्लेखनीय है कि चीन से पिछले सप्ताह आयात की गयी त्वरित जांच किट से पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में सटीक परिणाम नहीं मिलने के बाद आईसीएमआर ने इनके इस्तेमाल को फिलहाल रोक दिया था।
आईसीएमआर द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी देते हुये बताया गया है कि त्वरित जांच किट की आपूर्ति के सौदे से भारत को कोई आर्थिक क्षति नहीं हुयी है। इसमें कहा गया है कि आईसीएमआर ने करार की शर्तों के तहत कंपनी को किट की आपूर्ति के एवज में अग्रिम भुगतान नहीं किया है।
इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने भी नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आईसीएमआर ने चीन की दो कंपनियों (बायोमेडीमिक्स और वोंडफो) से त्वरित जांच किट की खरीद का करार किया था। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों इन किट की आपूर्ति के बाद फील्ड परीक्षण के दौरान इनसे सटीक परिणाम नहीं मिलने पर आईसीएमआर ने आपूर्तिकर्ता कंपनियों के विरुद्ध करार की शर्तों के मुताबिक कार्रवाई की है।
त्वरित जांच किट की खरीद प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बारे में अग्रवाल ने कहा कि आईसीएमआर ने पूर्व निर्धारित खरीद प्रक्रिया का विधिवत पालन किया है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से पहले किट की कीमत का अग्रिम भुगतान नहीं किया था, इसलिये आर्थिक नुकसान का प्रश्न ही नहीं उठता है।
आईसीएमआर ने भी बयान में चीन की कंपनियों से त्वरित किट की खरीद प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन किये जाने की जानकारी देते हुये कहा गया है कि किट की आपूर्ति के बाद फील्ड परीक्षण में खरा नहीं उतरने पर इनकी आगे की आपूर्ति को भी रद्द करने का फैसला किया गया है।
आईसीएमआर ने स्पष्ट किया कि किट की आपूर्ति संबद्ध कंपनी के भारत में एजेंट के माध्यम से की गयी थी। आईसीएमआर ने कहा कि इसके लिये किये गये खरीद के करार में अग्रिम भुगतान के बजाय आपूर्ति के बाद किट के फील्ड परीक्षण में खरा उतरने पर भुगतान करने की शर्त के मुताबिक आपूर्तिकर्ता कंपनी को खरीद का भुगतान नहीं किया गया है। इसलिये इस खरीद से सरकार को कोई एक भी रुपये का नुकसान नहीं हुआ है।
इस बीच आईसीएमआर त्वरित परीक्षण किट की 4500 रुपये प्रति किट की दर से खरीद किये जाने का भी खंडन किया है। आईसीएमआर ने इस कीमत पर किट खरीदने के कांग्रेस नेता उदित राज द्वारा सोशल मीडिया पर लगाये गये आरोप को गलत बताते हुये कहा कहा कि त्वरित जांच किट की खरीद 528 रुपये से 795 रुपये के बीच निर्धारित की गयी कीमत पर की गयी है।
उदित राज द्वारा ट्विटर पर लगाये गये आरोप के जवाब में आईसीएमआर ने कहा, ‘‘यह फर्जी खबर है। आईसीएमआर द्वारा मंजूर कीमत के मुताबिक आरटीपीसीआर किट की खरीद 740 से 1150 रुपये के बीच और त्वरित परीक्षण किट की खरीद 528 रुपये से 795 रुपये के बीच कीमत पर की गयी है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 10:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

