देश की खबरें | भारत ने संक्रामक रोगों से निपटने के लिए एससीओ देशों के बीच मजबूत संबंध का आह्वान किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से संक्रामक रोगों से निपटने और महामारी को रोकने के लिए सहयोग मजबूत करने की अपील की।
बेंगलुरु, छह फरवरी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से संक्रामक रोगों से निपटने और महामारी को रोकने के लिए सहयोग मजबूत करने की अपील की।
विश्व व्यवस्था को बाधित करने वाली कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मंत्री ने वैज्ञानिकों से किफायती स्वास्थ्य देखभाल समाधान खोजने की भी अपील की। जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित दूसरे एससीओ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (एससीओ वाईएससी) के उद्घाटन सत्र को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए सिंह ने आम सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोजने पर भी जोर दिया।
सिंह ने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि कोविड-19 महामारी का दुनिया के सभी देशों में लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और कल्याण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एससीओ सदस्यों को संक्रामक बीमारी के खतरे को रोकने और मुकाबला करने में सहयोग को मजबूत करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा विशेष रूप से एससीओ से जुड़े युवा वैज्ञानिकों से अनुरोध है कि विश्व और मानव कल्याण के लिए आपको आगे आना होगा और हमारी आम सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए हाथ मिलाना होगा।’’
एससीओ एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान और भारत सदस्य देश हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य इन सदस्य देशों के नवोन्मेषी युवाओं को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि वे विभिन्न वैज्ञानिक विचारों पर चर्चा कर सकें। इसके तहत पांच मुख्य विषयों में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘बिग डेटा’ अनुसंधान एवं अनुप्रयोग, सतत ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण, और रोग जीव विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं।
भारत के एससीओ देशों के साथ घनिष्ठ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध होने का उल्लेख करते हुए सिंह ने लोगों के आपसी संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए, युवा वैज्ञानिकों की भागीदारी हमारे संबंधों को और गहरा करने तथा अगली पीढ़ी को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है।’’
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