नयी दिल्ली, चार नवंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) क्षेत्र में सहयोग के लिये भारत और ब्रिटेन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी।
आधिकारिक बयान के अनुसार इस समझौते से दोनों देशों के बीच दूरसंचार और आईसीटी के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
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ब्रेक्जिट के बाद इस समझौता ज्ञापन का लक्ष्य भारत के लिए सहयोग और अवसरों को बढ़ावा देना है।
बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में भारत सरकार के संचार मंत्रालय और ब्रिटेन के डिजिटल, संस्कृति, मीडिया एवं खेल विभाग (डीसीएमएस) के बीच दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी गयी।’’
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द्विपक्षीय सहयोग के लिये जिन क्षेत्रों की पहचान की गयी है, उसमें 5जी समेत दूरसंचार और आईसीटी, इंटरनेट आधारित उत्पाद (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), क्लाउड कम्युटिंग, स्पेक्ट्रम प्रबंधन, मोबाइल रोमिंग समेत कनेक्टिविटी, मानकीकरण, परीक्षण और प्रमाणन तथा वायरेलस कम्युनिकेशंस शामिल हैं।
इसके अलावा दूरसंचार संबंधी आधारभूत ढांचे की सुरक्षा और दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता तथा इनके इस्तेमाल में सुरक्षा, उभरती तकनीकों और नवप्रवर्तनों के क्षेत्र में शोध एवं विकास पर जानकारी को साझा करना समेत अन्य संबंधित क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं।
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