देश की खबरें | व्यापार, संपर्क सुविधा में सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहे भारत, आर्मेनिया

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नयी दिल्ली, 10 मार्च विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने आर्मेनियाई समकक्ष अरारत मिर्जोयान के साथ सार्थक वार्ता की, जिसमें व्यापार, संपर्क, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में भारत-आर्मेनिया संबंधों को गहरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

आर्मेनिया के विदेश मंत्री इस समय भारत की यात्रा पर हैं।

विदेश मंत्रालय ने देर रात जारी बयान में कहा, ‘‘दोनों मंत्रियों ने सार्थक चर्चा की, जिसमें उन्होंने राजनीतिक आदान-प्रदान, व्यापार, आर्थिक, संपर्क सुविधा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के आपसी संपर्क के क्षेत्रों सहित भारत-आर्मेनिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते दायरे की समीक्षा की।’’

दोनों मंत्रियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकियों और दवा उद्योग में सहयोग की संभावना तलाशने पर भी सहमति जताई।

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस वार्ता में संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों में बहुपक्षीय सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्रियों ने साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

इस वार्ता के बाद ‘सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय के ‘डिप्लोमैटिक स्कूल’ के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और आर्मेनिया के औषधि एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता केंद्र के बीच चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग पर एक और समझौता हुआ।

आर्मेनिया के विदेश मंत्री ने भारतीय वैश्विक परिषद में ‘बदलती दुनिया में आर्मेनिया-भारत: संबंधों को मजबूत करना, बदलती दुनिया में भविष्य के संबंधों को सुरक्षित करना’ विषय पर एक व्याख्यान भी दिया।

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