देश की खबरें | भारत ने अपराधों की रोकथाम के लिए इंटरपोल से सहयोग बढ़ाने की अपील की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत आतंकवाद, ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियां और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों को घटित होने के समय ही रोकने के लिए इंटरपोल के माध्यमों के जरिये ‘सम्मिलित कार्रवाई’ चाहता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, एक दिसंबर भारत आतंकवाद, ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियां और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों को घटित होने के समय ही रोकने के लिए इंटरपोल के माध्यमों के जरिये ‘सम्मिलित कार्रवाई’ चाहता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

वियना में इंटरपोल की 91वीं महासभा में, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अपराध एवं अपराधियों के और अपराध से हासिल धन के किसी भी पनाहगाह का उन्मूलन करने तथा अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों के कृत्यों पर नकेल कसने के लिए समन्वित रणनीतियों की जरूरत पर भी जोर दिया।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक दिनकर गुप्ता इस पांच सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। चार दिवसीय सत्र 28 नवंबर को शुरू हुआ,जिसमें अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग संगठन का शताब्दी वर्ष भी मनाया गया। संगठन की स्थापना 1923 में की गई थी।

सीबीआई के प्रवक्ता ने यहां कहा कि अपराध एवं अपराधियों से निपटने के लिए इंटरपोल माध्यमों का उपयोग कर और वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग प्राप्त कर, भारत में वांछित 24 अपराधियों एवं भगोड़ों को इस साल वापस लाया गया। यह आंकड़ा अब तक का एक वर्ष का सर्वाधिक है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, भारत ने विभिन्न देशों में 184 अपराधियों की मौजूदगी का भी पता लगाया है और उन्हें वापस लाने के लिए कार्यवाही शुरू की है।’’

प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ चर्चा के दौरान भारत ने संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियां, साइबर वित्तीय अपराध का मुकाबला करने के लिए समन्वित कार्रवाई के वास्ते इंटरपोल के जरिये सहयोग बढ़ाने की अपील की।

भारतीय दल ने ऑस्ट्रिया, संयुक्त अरब अमीरात(यूएई), अमेरिका, ब्रिटेन, नेपाल, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, न्यूजीलैंड,जापान, स्विटजरलैंड, बांग्लादेश, सिंगापुर और जाम्बिया के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस सहयोग के विषयों पर विस्तृत चर्चा भी की।

भारत इंटरपोल में 1949 में शामिल हुआ था और तब से संगठन का एक सक्रिय सदस्य रहा है। इसने दो महासभाओं की मेजबानी की है।

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