देश की खबरें | बाढ़ से होने वाला नुकसान कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं भारत व नेपाल : विदेश मंत्रालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और नेपाल इस मानसून में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।

नयी दिल्ली, 25 जून विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और नेपाल इस मानसून में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आयी है कि नेपाल बिहार से लगी सीमा पर बाढ़ की रोकथाम से जुड़े कामों में बाधा डाल रहा है।

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बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि राज्य में भारत-नेपाल सीमा पर तटबंधों की मरम्मत का कार्य प्रभावित हुआ है क्योंकि पड़ोसी देश द्वारा लगाए गए अवरोधकों से कर्मियों को उस पार जाने में दिक्कत हो रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर कहा कि बाढ़ आदि के संबंध में भारत और नेपाल के बीच पहले से ही एक द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।

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उन्होंने कहा कि तटबंध और कटाव रोकने वाले कार्य पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा पर कुछ प्रमुख नदियों पर पहले से ही काम चल रहा है।

श्रीवास्तव ने कहा कि मानसून के मौसम में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दोनों पक्ष समन्वय कर रहे हैं।

नए राजनीतिक मानचित्र के संबंध में नेपाल द्वारा संविधान संशोधन किए जाने के बारे में श्रीवास्तव ने कहा, "हमने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और वह इसमें कुछ भी और जोड़ना नहीं चाहेंगे।’’

नेपाल ने अपने नए मानचित्र में कुछ ऐसे स्थानों को भी शामिल किया है जिन पर भारत का दावा रहा है।

काकरभिट्टा सीमा पर व्यापार में समस्या आने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच बिना किसी बाधा के व्यापार और आपूर्ति चल रही है। उनमें काकरभिट्टा-पानीटंकी सीमा भी शामिल है।

श्रीवास्तव ने कहा, "दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार संबंध हैं। लॉकडाउन के बावजूद हमारा द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है। वास्तव में मई महीने में यह 30 करोड़ अमेरिकी डालर से अधिक रहा।’’

नेपाल में नागरिकता कानून में संशोधन करने के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर श्रीवास्तव ने कहा, "हमने इस संबंध में खबरें देखी है। भारत और नेपाल के लोगों की जड़ें गहरी हैं और उनके पारिवारिक संबंध हैं। ये बंधन हमारे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सभ्यता और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाते हैं।”

नेपाल के प्रस्तावित कानून के अनुसार किसी नेपाली नागरिक से विवाह करने वाली विदेशी महिला को नागरिकता प्राप्त करने के लिए सात साल इंतजार करना होगा।

उन्होंने नेपाली क्षेत्र पर चीनी अतिक्रमण की खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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