पणजी, 21 अक्टूबर गोवा के निर्दलीय विधायक प्रसाद गाओनकर ने बुधवार को राज्य में प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया । इससे कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने गाओनकर पर भूमि सौदे में लिप्त होने के आरोप लगाए थे।
सांगुएम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गाओनकर ने समर्थन वापसी का एक पत्र राज्य के राज्यपाल को सौंपा। इसके साथ ही 40 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ खेमे के विधायकों की संख्या 30 से घटकर 29 हो गयी है । इनमें से 27 भाजपा के विधायक हैं जबकि दो अन्य राकांपा के चुरचिल अलेमाओ और निर्दलीय विधायक गोविंद गौडे हैं।
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विपक्ष में अब 11 विधायक हैं । इनमें कांग्रेस के पांच, गोवा फारवर्ड पार्टी (जीएफपी) के तीन और दो निर्दलीय गाओनकर और रोहन खौंटे तथा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के एक विधायक हैं ।
गाओनकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के बारे में राज्यपाल को पत्र सौंप दिया है।’’
मुख्यमंत्री ने सोमवार को आरोप लगाया था कि राज्य में प्रस्तावित आईआईटी परियोजना के लिए भूमि सौदे में गाओनकर संलिप्त थे। सावंत ने कहा था कि गाओनकर सांगुएम में आईआईटी परियोजना के लिए जमीन हासिल करने के नाम पर सौदेबाजी कर रहे थे। पहले यह परियोजना सांगुएम में शुरू होने वाली थी लेकिन जमीन नहीं मिल पाने के बाद यह परियोजना सत्तारी में चली गयी।
आरोपों पर प्रतिक्रिया जताते हुए गाओनकर ने कहा कि सावंत के बयान पर वह हैरान रह गए । गाओनकर ने कहा कि प्रमोद सावंत के प्रति उनका भरोसा खत्म हो गया है, इसलिए वह समर्थन वापस ले रहे हैं ।
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